उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर लोकतंत्र को कमजोर करने और संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया है.
सीएम योगी ने संत कबीर नगर जिले में 475 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 139 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए यह टिप्पणी की. उन्होंने इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 25 जून भारत के इतिहास में एक काला दिन है क्योंकि इसी दिन कांग्रेस सरकार ने आपातकाल लागू कर लोकतंत्र का गला घोंट दिया था.
उन्होंने कहा कि नागरिकों के अधिकार निलंबित कर दिए गए थे. न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित कर दिया गया था और मीडिया पर प्रतिबंध लगाए गए थे. जो लोग आज संविधान की प्रतियां लेकर घूमते हैं और लोकतंत्र की रक्षा का दावा करते हैं, उन्हें 25 जून 1975 को हुई घटनाओं को याद रखना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे किस मुंह से लोकतंत्र की बात करते हैं और संविधान की प्रतियां लेकर घूमते हैं? कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से ज्यादा किसी ने संविधान का अपमान नहीं किया है.
आदित्यनाथ ने कहा कि आपातकाल के दौरान तानाशाही शासन का विरोध करने पर कई विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था. इनमें जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, मुरली मनोहर जोशी, राज नारायण, मुलायम सिंह यादव, चंद्र शेखर और चौधरी चरण सिंह जैसे नेता शामिल थे.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीजेपी डबल इंजन सरकार बीआर आंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए काम कर रही है और समाज के सभी वर्गों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है.
उन्होंने बताया कि दिन में उन्होंने लखनऊ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ एक बैठक में भाग लिया, जिसमें उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अगले चरण के तहत 6.18 लाख आवास आवंटित किए गए. उन्होंने जनसभा के आखिरी में लोगों से बीजेपी की डबल इंजन सरकार के विकास एजेंडे का समर्थन करने की अपील की.