त्रिपुरा पुलिस के बॉस अनुराग धनखड़ की मौत की खबर पुलिस महकमे में वज्रपात की तरह आई. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि उन्हें पुलिस मुख्यालय के वॉशरूम में लटकता हुआ पाया गया. त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस अफसर थे वे 60 साल के थे. धनखड़ 11 महीने में रिटायर होने वाले थे. स्थायी DGP का कार्यकाल कम से कम दो साल का होता है, चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो. उन्हें पिछले साल राज्य का पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया था.
उनके परिवार में उनकी पत्नी और बेटा है, जो कनाडा में रहते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद धनखड़ का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया और इसे उत्तर प्रदेश के मेरठ में उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा. त्रिपुरा डीजीपी की ये आकस्मिक मौत महकमे में कई सवाल छोड़ गई है.
सीएम माणिक साहा ने बताया कि उन्हें तुरंत GBP अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया.
अनुराग धनखड़ इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) के 1994 बैच के अधिकारी थे और उन्होंने त्रिपुरा कैडर में सेवा की. वे पिछले साल 17 मई को अमिताभ रंजन की जगह त्रिपुरा के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस बने. राज्य के पुलिस प्रमुख का पद संभालने से पहले उन्होंने डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (इंटेलिजेंस) के तौर पर काम किया.
उनकी पढ़ाई-लिखाई में टेक्नोलॉजी और पुलिसिंग पर खास जोर दिया गया था. उन्होंने मैसूर के सेंट्रल फ़ूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट से फ़ूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री हासिल की. बाद में उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री पूरी की. उन्होंने हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ से साइबर क्राइम में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया.
अनुराग ने अमेरिका की एसोसिएशन ऑफ़ सर्टिफाइड फ्रॉड एग्जामिनर्स से सर्टिफाइड फ्रॉड एग्जामिनर की योग्यता भी हासिल की.
धनखड़ ने 2013 से 2016 के बीच राज्य में पुलिसिंग से जुड़ी सबसे अहम ज़िम्मेदारियों में से एक इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) का पद संभाला. उन्होंने 'ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट' के साथ भी काम किया, जहां उनका ध्यान कानून लागू करने से हटकर रिफॉर्म्स, आधुनिकीकरण और पुलिसिंग सिस्टम को बेहतर बनाने था.
'सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स' में उन्होंने इंस्पेक्टर जनरल (पर्सनेल) के तौर पर काम किया और देश के सबसे बड़े सुरक्षा संगठनों में से एक में अहम ह्यूमन-रिसोर्स और प्रशासनिक कामकाज की देखरेख की. सीबीआई के साथ लंबे कार्यकाल के दौरान धनखड़ के सफ़र ने एक नया मोड़ लिया.
अनुराग धनखड़ ने अपनी काबिलियत, ईमानदारी और ज़िम्मेदारियों के प्रति समर्पण दिखाते हुए SDPO से DGP तक का सफ़र तय किया.
इसके अलावा उन्होंने कोसोवो में UN मिशन (2003-04) में भी काम किया. इस दौरान वे अपने साथी अफसरों के फेवरिट थे.
अनुराग धनखड़ को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा, "त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक और IPS अधिकारी अनुराग के दुखद निधन से मुझे गहरा सदमा और दुख पहुंचा है. इस गहरे दुख की घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति और साहस दे."
रिपोर्ट-तन्मय चक्रवर्ती