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BRS विधायकों का अनोखा प्रदर्शन, सस्पेंशन के बाद तेलंगाना भवन में बनाई मॉक असेंबली!

तेलंगाना विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान BRS के कई विधायकों को निलंबित किए जाने के बाद, पार्टी ने हैदराबाद स्थित तेलंगाना भवन में एक मॉक असेंबली आयोजित की.

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तेलंगाना में BRS के विधायकों ने मॉक असेम्बली बनाकर प्रदेश सरकार पर साधा निशाना
तेलंगाना में BRS के विधायकों ने मॉक असेम्बली बनाकर प्रदेश सरकार पर साधा निशाना

तेलंगाना विधानसभा में शनिवार को विरोध का अनोखा तरीका देखने को मिला. यहां मानसून सत्र चल रहा है. जिसमें भारत राष्ट्र समिति के विधायक को बाकी बची अवधि के लिए सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद सस्पेंड किए गए विधायकों ने हैदराबाद स्थित तेलंगाना भवन में ही डमी 'विधानसभा' बना ली. इसमें बाकायदा स्पीकर और मुख्यमंत्री की भूमिका तय की गई और सदन जैसी कार्यवाही चलाते हुए रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा गया.

BRS ने 12 सितंबर को यह 'मॉक असेंबली' आयोजित की. कुछ दिन पहले सदन में लगातार व्यवधान के बाद BRS विधायकों को विधानसभा के शेष मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद पार्टी ने ऐलान किया था कि जिन मुद्दों को उसे वास्तविक विधानसभा में उठाने का मौका नहीं मिल रहा है, उन्हें वह 'मॉक असेम्बली' के जरिए सामने रखेगी.

तलसानी बने 'मुख्यमंत्री', माणिक राव ने संभाली स्पीकर की कुर्सी

तेलंगाना भवन में आयोजित मॉक असेंबली में जहीराबाद से BRS विधायक माणिक राव को स्पीकर की कुर्सी पर बैठाया गया. वहीं पूर्व मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव ने 'मुख्यमंत्री' की भूमिका निभाई. इस प्रतीकात्मक सदन की कार्यवाही में BRS नेता केटी रामाराव (KTR), टी. हरीश राव समेत पार्टी के कई विधायक शामिल हुए. नेताओं ने अलग-अलग राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को उठाते हुए रेवंत रेड्डी सरकार पर सवाल दागे.

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Telangana

मॉक असेंबली में विरोध के साथ सियासी व्यंग्य भी देखने को मिला. मुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहे तलसानी श्रीनिवास यादव ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसे. उन्होंने तेलंगाना कैबिनेट से कोंडा सुरेखा को हाल में हटाए जाने का भी व्यंग्यात्मक अंदाज में जिक्र किया.

कांग्रेस की 'छह गारंटियों' पर भी निशाना

BRS नेताओं ने कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को भी अपनी मॉक असेंबली का मुद्दा बनाया. तलसानी ने सवाल किया कि चुनाव के दौरान किए गए वादे और घोषित गारंटियां आखिर कब पूरी की जाएंगी. इस विरोध प्रदर्शन के जरिए BRS ने संदेश देने की कोशिश की कि अगर उसके विधायकों को विधानसभा के अंदर बोलने का मौका नहीं मिलेगा तो पार्टी 'विधानसभा को जनता के बीच' लेकर जाएगी.

BRS ने पहले ही कहा था कि इस प्रतीकात्मक सत्र में 20 से ज्यादा मुद्दे उठाए जाएंगे. इनमें कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की कथित नाकामियां, छह गारंटियों का क्रियान्वयन, चुनावी वादे और सरकार की विभिन्न नीतियां शामिल हैं.

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