तमिलनाडु में शराब कारोबार को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कई साल से स्थानीय डिस्टिलरी के दबदबे वाले मार्केट को अब ग्लोबल कंपनियों के लिए खोलने पर राज्य सरकार विचार कर रही है. सूबे की सरकार का मानना है कि शराब के ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराने से न सिर्फ एक्साइज राजस्व बढ़ेगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों की तरफ जाने वाले ग्राहकों को भी रोका जा सकेगा.
इसके साथ ही, TASMAC यानी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन दुकानों के आधुनिकीकरण और राजस्व लीकेज रोकने की दिशा में भी सरकार बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है.
सरकार के इस कदम का मकसद शराब के ज्यादा विकल्प देकर एक्साइज रेवेन्यू बढ़ाना और रेवेन्यू के नुकसान को रोकना है.
रेवेन्यू की भरपाई के लिए सरकार ने लिया फैसला!
ग्राहकों के एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाने के लिए TASMAC आउटलेट्स को बेहतर माहौल के साथ अपग्रेड किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया कि इन दुकानों के माहौल को बेहतर बनाकर ग्राहकों के लिए शॉपिंग का एक्सपीरिएंस बेहतर किया जाएगा.
हाल ही में 717 TASMAC आउटलेट्स के बंद होने से करोड़ों का रेवेन्यू नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई के लिए, तमिलनाडु सरकार शराब के और भी ब्रांड्स को बेचने की इजाजत देने की योजना बना रही है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिल सकें. नए ब्रांड्स में ग्लोबल ब्रांड्स भी शामिल हैं.
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एक अधिकारी के मुताबिक, शराब के ब्रांड्स की सीमित उपलब्धता की वजह से तमिलनाडु के कस्टमर बेंगलुरु और पुडुचेरी की तरफ जा रहे हैं. सरकार का मानना है कि बाजार और ब्रांड्स के लिए खोलने से ग्राहकों को बनाए रखने और नए ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, साथ ही रेवेन्यू भी बढ़ेगा.
रेवेन्यू के नुकसान को रोकना एक्साइज डिपार्टमेंट की एक और अहम प्राथमिकता है. एक अधिकारी ने बताया, "हमें निर्देश दिए गए हैं कि रेवेन्यू के नुकसान को पूरी तरह रोकने के लिए डिपार्टमेंट में पॉलिटिकल कनेक्शन वाले अधिकारियों का ट्रांसफर किया जाए."