scorecardresearch
 

सुरेंद्र कोली के नाक-मुंह से खून, लेकिन चोट का कोई निशान नहीं... मौत की वजह पर चार दिन बाद भी सस्पेंस

निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन वजह अब भी साफ नहीं है. हरिद्वार में चाय की दुकान के अंदर उसका शव पंखे से लटका मिला था. पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या मान रही है, जबकि परिवार ने सवाल उठाते हुए साजिश की आशंका जताई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

Advertisement
X
निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद सवाल उठ रहे हैं (File Photo: ITG)
निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत के बाद सवाल उठ रहे हैं (File Photo: ITG)

सुरेंद्र कोली की मौत की वजह चार दिन बाद भी साफ नहीं हो पाई है. परिवार के कुछ सदस्य उसकी मौत पर सवाल उठा रहे हैं. कोली निठारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और पिछले साल उसे सभी 13 मामलों में बरी कर दिया गया था.

पुलिस ने कहा कि कोली की मौत आत्महत्या से हुई या किसी और वजह से, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा. यह रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की उम्मीद है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'कोली के परिवार वालों ने उसकी मौत को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं. हालांकि, एक-दो दिन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी.'

उन्होंने कहा कि कोली के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला. हालांकि, उसकी नाक और मुंह के पास खून के निशान दिखे.

पुलिस ने बताया कि कोली ने हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में एक छोटी सी किराए की दुकान में चाय बेचना शुरू किया था. वहां मृत पाए जाने से सिर्फ चार दिन पहले ही उसने यह काम शुरू किया था.

पुलिस ने कहा कि वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहा था और दुकान शुरू करने के लिए उसने ₹5,000 उधार लिए थे.

Advertisement

पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में यह फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला लग रहा है.

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की जांच की, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि कोली बहुत मुश्किल हालात में रह रहा था और हरिद्वार में कम समय में ही उसे चार बार कमरे बदलने पड़े थे.

अधिकारी ने बताया कि वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और उसे बार-बार नौकरी छोड़नी पड़ती थी क्योंकि वह आधार कार्ड नहीं दे पाता था या पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवा पाता था.

पुलिस के मुताबिक, कोली करीब एक महीने पहले हरिद्वार आया था.

पुलिस ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि हरिद्वार आने से पहले वह कुछ वकीलों के साथ और बेंगलुरु के एक चर्च में भी रहा था.

अधिकारी ने यह भी दावा किया कि जो परिवार वाले अब उसकी मौत पर सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने पहले कोली को अपने साथ रखने से इनकार कर दिया था.

सुरेंद्र कोली के परिवारवालों ने कहा था कि जिस व्यक्ति ने 19 साल सामाजिक तिरस्कार और कानूनी उलझनों में निकाले हों और वह अचानक इस तरह का कदम उठाए तो संदेह तो होता ही है. परिजनों के परिचित नारायण सिंह रावत ने कोली की आत्महत्या पर शक जताते हुए इसे साजिश बताया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की.

Advertisement

कोली का शव चाय की दुकान में पंखे से रस्सी से लटका हुआ मिला था और माना जा रहा है कि उसने आत्महत्या की है.

निठारी मामला 2006 में तब सामने आया जब नोएडा के सेक्टर 31 में बिजनेसमैन मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के पिछवाड़े और नालियों में कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिलीं.

कोली पंढेर के घर पर घरेलू नौकर के तौर पर काम करता था.

इस भयानक खुलासे से कई बच्चों और महिलाओं के गायब होने और उनकी हत्या का पता चला, जिससे देश भर में गुस्सा फैल गया और स्थानीय समुदाय में दहशत फैल गई.

इस मामले में सह-आरोपी पंढेर भी कई सालों तक जेल में रहा, लेकिन बरी होने के बाद 20 अक्टूबर 2023 को उसे रिहा कर दिया गया.

कोली, जो एकमात्र दोषी था, उसे सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में आखिरी मामले में बरी कर दिया. निठारी हत्याकांड से जुड़े यह 13वां मामला था जिसमें कोली को बरी किया गया. इससे पहले उसे इसी तरह के 12 अन्य मामलों में बरी किया जा चुका था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement