सुरेंद्र कोली (Surendra Koli) उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के एक गांव का रहने वाला था. वह वर्ष 2000 में काम की तलाश में दिल्ली आया था. सुरेंद्र खाना बनाने का काम करता था. एक दिन मोनिंदर सिंह ने किसी परिचित के यहां उसके हाथ का बना खाना खाया. इसके बाद मोनिंदर ने सुरेंद्र को अपने यहां काम पर रख लिया. कुछ समय बाद मोनिंदर का परिवार पंजाब चला गया.
कोली और पंढेर का नाम निठारी कांड से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में सामने आया था. साल 2005 और 2006 के दौरान नोएडा के निठारी इलाके में कई बच्चे और महिलाएं लापता हुए थे. दिसंबर 2006 में सेक्टर 31 स्थित पंढेर के मकान के पीछे से मानव अवशेष मिलने के बाद मामला सामने आया.
मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस ने की और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई. कोली के खिलाफ निठारी से जुड़े कई अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. इन मामलों में हत्या, अपहरण और बलात्कार सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. अलग-अलग मुकदमों में उसे दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा भी सुनाई गई थी.
इसके बाद निठारी से जुड़े 12 अन्य मामलों में वर्ष 2023 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोली को बरी कर दिया. नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में भी कोली को बरी करने का आदेश दिया. इसके बाद करीब 19 साल जेल में रहने के बाद वह जेल से बाहर आया.
18 सितंबर 2026 को हरिद्वार में सुरेंद्र कोली ने खुदकुशी कर कर ली. पुलिस के अनुसार उसका शव भूपतवाला इलाके में एक चाय की दुकान के भीतर मिला. वह पिछले कुछ समय से वहां चाय बेच रहा था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की.
निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत की वजह अब साफ हो गई है. हरिद्वार में चाय की दुकान पर फंदे से लटके मिले कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगने से दम घुटना बताई गई है. परिवार ने मौत पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था.
निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन वजह अब भी साफ नहीं है. हरिद्वार में चाय की दुकान के अंदर उसका शव पंखे से लटका मिला था. पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या मान रही है, जबकि परिवार ने सवाल उठाते हुए साजिश की आशंका जताई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शनिवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया. शुक्रवार को वह अपनी चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला था. पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. कोली पिछले चार-पांच महीनों से पहचान छिपाकर हरिद्वार में रह रहा था.
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को सभी 13 मामलों में बरी किया गया था और वह 11 नवंबर 2025 को लुक्सर जेल से रिहा हुआ था. शुक्रवार को हरिद्वार में एक चाय की दुकान पर वह फंदे से लटका मिला. लुक्सर जेल के अधीक्षक ब्रजेश सिंह के मुताबिक जेल में उसका व्यवहार सामान्य रहा.
निठारी कांड के सभी 13 मामलों में बरी होकर जेल से रिहा हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई. वह शुक्रवार को एक चाय की दुकान पर फंदे से लटका मिला. जेल अधीक्षक के अनुसार, जेल में उसका व्यवहार सामान्य था. वहीं पीड़ित परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. कोली नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेल से बाहर आया था.
देश को झकझोर देने वाले निठारी कांड का मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने आत्महत्या कर ली. जो फंदा उसे कभी कानून नहीं पहना सका आखिरकार जेल से रिहाई के ठीक 10 महीने और 5 दिन बाद सुरेंद्र कोली ने अपने हाथों से पहन लिया. हरिद्वार में चाय की दुकान के अंदर सुरेंद्र कोली ने फांसी लगा कर अपनी जान दे दी. देखें वारदात.
निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली को 2014 में मेरठ जेल में फांसी दी जानी थी. जल्लाद बुलाया गया था और तैयारी पूरी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात को फांसी पर रोक लगा दी. करीब 19 साल जेल में रहने के बाद 2025 में वह बरी हुआ था.
हरिद्वार में सदाराम के नाम से रह रहे व्यक्ति की पहचान निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली के रूप में हुई. तीन दिन पहले उसने भूपतवाला में चाय की दुकान शुरू की थी. शुक्रवार सुबह दुकान के अंदर उसका शव मिला. पुलिस घटना की वजह की जांच कर रही है.
क्या था निठारी कांड? कौन था सुरेंद्र कोली? कैसे सामने आया था यह मामला? साल 2005 से 2025 तक की तारीखवार जानें इस मामले की सिलसिलेवार कहानी और सुप्रीम कोर्ट के आखिरी फैसले की पूरी जानकारी.
नोएडा के निठारी कांड ने देश भर में सुर्खियां बटोरी थी. साल 2005-2006 में दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों और युवतियों के गायब होने की घटनाएं हुईं. पुलिस जांच में जब नाले से मानव अंगों के मिलने की खबरें आई तो लोग चौंक उठे.