डायमंड और टेक्सटाइल सिटी सूरत को आखिरकार अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिल गई है. रेल मंत्रालय ने सूरत से ‘लेक सिटी’ उदयपुर के बीच हफ्ते में छह दिन इस ट्रेन को चलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है. इससे मध्य और दक्षिण गुजरात से राजस्थान घूमने जाने वाले लोगों को सीधा फायदा होगा. रेलवे की इस घोषणा से गुजरात को छठी प्रीमियम ट्रेन मिली है.
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, यह ट्रेन 8 कोच के साथ चलेगी. आने वाले नवरात्रि त्योहारों से पहले इस ट्रेन के शुरू होने की पूरी संभावना है, जिससे सूरत और दक्षिण गुजरात के यात्रियों और पर्यटकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. सूरत से उदयपुर के बीच यह ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलेगी, जबकि हर मंगलवार को इसका संचालन बंद रहेगा. यह सूरत से सुबह 6.10 बजे चलेगी और दोपहर 1.40 बजे उदयपुर पहुंचेगी, जबकि उदयपुर से दोपहर 3.35 बजे चलेगी और रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी. यानी कि सूरत से उदयपुर की दूरी अब सिर्फ 7.30 घंटे में तय की जाएगी.
इस ट्रेन की प्राथमिक मेंटेनेंस सुविधा सूरत में रखी गई है, जबकि ट्रेन में पानी भरने की सुविधा वडोदरा और अहमदाबाद के असारवा स्टेशन पर होगी. ट्रेन शुरू होने से व्यापारियों, पर्यटकों और राजस्थान जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा तेज और आरामदायक हो जाएगी.
इसको लेकर किया गया बदलाव
रेल मंत्रालय ने नई ट्रेन की मंजूरी के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया है. नई व्यवस्था के तहत, पहले से चल रही ट्रेन नंबर 26963/26964 उदयपुर सिटी-असारवा (अहमदाबाद) वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है. यह सेवा इसी साल फरवरी में शुरू की गई थी. रेलवे बोर्ड द्वारा इस रूट को सूरत तक बढ़ाकर अपग्रेड किए जाने के कारण, अब असारवा से चलने वाली ट्रेन सूरत और उदयपुर के बीच चलाई जाएगी.
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए कहा कि सूरत और उदयपुर के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को रेलवे बोर्ड द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है. सप्ताह में छह दिन चलने वाली यह आधुनिक ट्रेन शीघ्र ही यात्रियों की सेवा में प्रारंभ होगी. यह नई रेल सेवा गुजरात और राजस्थान के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के साथ पर्यटन, व्यापार और सामाजिक संबंधों को भी नई गति प्रदान करेगी.