सोनम वांगचुक ने 23वें दिन भी अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जब तक प्रदर्शन कर रहे युवाओं को सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं दी जाती या उन्हें अस्पताल में छात्रों से मिलने नहीं दिया जाता, तब तक वह अपना व्रत जारी रखेंगे. वांगचुक ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है.
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 'मैं अपना अनशन जारी रखूंगा'. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसे देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है. उनका कहना है कि प्रदर्शन कर रहे युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने का मौका दिया जाए. इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें अस्पताल में ही छात्रों से मिलने की अनुमति दी जाती है, तब भी वह इस मुद्दे पर आगे बात कर सकते हैं.
युवाओं के धैर्य की वांगचुक ने की तारीफ
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर अपनी हाथ से लिखी चिट्ठी जारी की है. इसमें उन्होंने लिखा कि उकसावे के बावजूद जिस तरह से युवाओं ने शांति बनाए रखी, उससे वे काफी प्रभावित हैं. उन्होंने पुलिस बल से अपील की कि मामले को बिना किसी बल प्रयोग के हल किया जाए. छात्रों को संसद में अपनी बात रखने का मौका मिलते ही स्थिति सामान्य हो सकती है.
बता दें कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाने के मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश में सिर्फ स्वास्थ्य की निगरानी की बात कही गई थी, प्रदर्शन स्थल से हटाने का निर्देश नहीं दिया गया था.
सुनवाई में 17 जुलाई की मेडिकल रिपोर्ट का भी जिक्र हुआ. सिब्बल ने कहा कि रिपोर्ट में वांगचुक का पोटैशियम स्तर सामान्य था. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना परिवार को जानकारी दिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया और मेडिकल रिपोर्ट भी साझा नहीं की गई. वहीं, हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई आगे जारी रखने की बात कही. इस बीच वांगचुक ने छात्रों की मांगों को लेकर अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है.