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कभी जमीन पर रखती तो कभी गले लगाती, करंट से मरा बच्चा, शव छोड़ने को तैयार नहीं हुई मां

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से ममता और शोक की एक ऐसी मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर देखने वाले की आंखें नम कर दीं. एक बेजुबान मां का अपने मृत बच्चे के प्रति प्रेम और पूरे लंगूर दल का सामूहिक शोक यह बताने के लिए काफी है कि भावनाएं केवल इंसानों तक सीमित नहीं होतीं.

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भोजन की तलाश में शहर पहुंचा था लंगूरों का दल.(Photo:ITG)
भोजन की तलाश में शहर पहुंचा था लंगूरों का दल.(Photo:ITG)

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बुधवार की शाम दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई. जहां करंट की चपेट में आकर एक लंगूर के बच्चे की मौत हो जाने के बाद उसके शव को गोद में उठा कर उसकी मां शोक में डूबी नजर आई.

रायगढ़ जिला मुख्यालय के वन विभाग के पास स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म और क्रेडा विभाग की दीवारों पर लंगूरों का एक दल बैठा नजर आया.

अमूमन जंगलों से निकलकर अक्सर लंगूरों का दल भोजन और पानी की तलाश में शहर के भीतर पहुंचता है. इसी बीच लोगों की नजर एक लंगूर को देखकर भावुक हो गई.

लंगूर के मृत शरीर को उसकी मां अपने सीने से लगाकर दीवार के ऊपर बैठी रही और उनका दल भी शोक में चुपचाप बैठा रहा. शायद उसकी मां को भरोसा था कि उसका बच्चा फिर से जिंदा हो जाए. इसी उम्मीद में कभी शव को जमीन में रखती तो कभी सीने से लगाती रही.

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि संभवतः करंट की चपेट में आकर ऊपर से गिरने से लंगूर के बच्चे की मौत हुई है. इस घटना के बाद लंगूर की मां अपने बच्चे के शव को छोड़ने को तैयार नहीं हो रही थी.

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लंगूर दल को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि सभी शोक में डूबे हैं. यह घटना मौत के बाद परिवार के दर्द को बयां करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि ममता सिर्फ इंसानों में नहीं, बल्कि बेजुबान में भी होती है.

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