कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदाई तय है. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक हालात और देश में बढ़ता आर्थिक असंतोष इसके बड़े कारण बनेंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह परिस्थितियां बन रही हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, उसका असर भारत की राजनीति पर दिखाई देगा.
बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने मुस्लिम शब्द की जगह 'अल्पसंख्यक' शब्द इस्तेमाल करने की अपील की. इस पर राहुल गांधी ने असहमति जताते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है, जिस वर्ग के साथ अन्याय हो, उसके साथ खुलकर खड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि चाहे वह हिंदू हो, दलित हो, सवर्ण हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो या बौद्ध-जैन, कांग्रेस को सभी के अधिकारों की आवाज उठानी चाहिए.
तुम्हारा क्या तुम्हें तो सिर्फ मुस्तक़बिल बनाना है
— Imran Pratapgarhi (@ShayarImran) May 23, 2026
हमें लेकिन हमारे जैसों को क़ाबिल बनाना है।
वो अपना काम करते हैं हम अपना काम करते हैं
उन्हें तूफ़ां बनाने हैं हमें साहिल बनाना है।
माइनॉरिटी एडवाइज़री काउंसिल मीटिंग, इंदिरा भवन नई दिल्ली में राहुल गॉंधी जी के साथ देश के अलग अलग… pic.twitter.com/yfg1tO1guS
सूत्रों के अनुसार बैठक में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी को यह नैरेटिव बदलना होगा कि मुस्लिम समाज केवल बीजेपी को हराने के लिए वोट करता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मुस्लिम समाज तक यह संदेश पहुंचाना चाहिए कि पार्टी ने उनके लिए काफी काम किया है और इसी आधार पर समर्थन मांगा जाना चाहिए, ताकि बीजेपी बहुसंख्यक ध्रुवीकरण की राजनीति न कर सके.
बैठक में कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायत करते हुए कहा कि वह तो अल्पसंख्यकों के मुद्दे खुलकर उठाते हैं, लेकिन पार्टी के दूसरे बड़े नेता इन मुद्दों पर बोलने से परहेज करते हैं. नेताओं ने सुझाव दिया कि बाकी नेताओं को भी राहुल गांधी की तरह मुखर होकर अल्पसंख्यक मुद्दों पर बोलना चाहिए. करीब दो घंटे से ज्यादा देर तक चली इस बैठक का आयोजन कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया था.
आज कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में @INCMinority विभाग की नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की बैठक हुई।
— Congress (@INCIndia) May 23, 2026
इस दौरान नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) श्री @kcvenugopalmp, @INCMinority विभाग के चेयरमैन श्री @ShayarImran… pic.twitter.com/h7srz4WIie
कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के अलावा सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था. इसका मकसद बैठक में देश के सभी प्रमुख अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना था. सिख समुदाय से गुरदीप सप्पल, ईसाई समुदाय से हिबी, बौद्ध समुदाय से राजेंद्र पाल गौतम और जैन समुदाय से अभिषेक मनु सिंघवी इस बैठक में शामिल रहे.