जेल में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मामले में प्रज्वल रेवन्ना और सह-आरोपी प्रताप राय को कोर्ट में पेश किया गया है. दोनों को बेंगलुरु के 42वें एसीएमएम कोर्ट में पेश किया गया. परप्पना अग्रहारा पुलिस ने मामले में आगे की पूछताछ के लिए दोनों की कस्टडी की मांग की है. पुलिस ने बॉडी वारंट के जरिए चार दिन की कस्टडी मांगी है.
प्रज्वल रेवन्ना इस केस में ए2 आरोपी हैं, जबकि प्रताप राय को ए1 बनाया गया है. कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है. पुलिस को आशंका है कि प्रज्वल रेवन्ना को देखने के लिए लोग वहां जुट सकते हैं.
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पुलिस ने मांगी चार दिन की कस्टडी
पुलिस ने कोर्ट में रिमांड आवेदन दाखिल करते हुए कहा कि मामले की आगे जांच के लिए आरोपियों को कस्टडी में लेकर पूछताछ करना जरूरी है. सरकारी वकील ने भी कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि आरोपियों से कुछ जरूरी जानकारी हासिल करनी है.
सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी के कोर्ट में मौजूद नहीं होने के कारण कार्यवाही कुछ देर के लिए टाल दी गई. बाद में जांच अधिकारी ने प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय को दोबारा जज के सामने पेश किया और पुलिस ने उनकी कस्टडी के लिए रिमांड आवेदन दिया.
प्रज्वल के वकील ने किया विरोध
प्रज्वल रेवन्ना के वकील अरुण जी. ने पुलिस की कस्टडी की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने कहा कि परप्पना अग्रहारा जेल और पुलिस स्टेशन एक-दूसरे के सामने हैं. ऐसे में पुलिस जेल जाकर ही प्रज्वल से पूछताछ कर सकती है, इसके लिए उन्हें कस्टडी में लेने की जरूरत नहीं है.
वकील ने यह भी कहा कि कस्टडी मांगने के पीछे कोई दूसरा मकसद हो सकता है. बचाव पक्ष के मुताबिक, प्रज्वल ने अब तक जांच में सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करते रहेंगे. इसलिए पुलिस को जेल के अंदर ही पूछताछ की अनुमति दी जानी चाहिए.
वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि जांच के लिए आरोपियों को कस्टडी में लेकर पूछताछ जरूरी है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज फिलहाल आदेश लिखवा रहे हैं और 42वें एसीजेएम कोर्ट के जज आदेश सुना रहे हैं.