scorecardresearch
 

BJP-RSS नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था PFI? चेयरमेन समेत 21 पर आरोप तय

प्रतिबंधित संगठन PFI के 21 सदस्यों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल NIA कोर्ट ने गंभीर आरोप तय किए हैं. आरोपियों पर देश के खिलाफ साजिश, आतंकी गतिविधियों की साजिश, युवाओं को गुमराह कर टेरर कैंप चलाने और BJP-RSS नेताओं को निशाना बनाने का आरोप है. 29 जुलाई से इन सभी के खिलाफ ट्रायल शुरू होगा.

Advertisement
X
PFI के सदस्यों पर टेरर कैंप चलाने का आरोप भी है. (Photo- ITGD)
PFI के सदस्यों पर टेरर कैंप चलाने का आरोप भी है. (Photo- ITGD)

प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है. पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल NIA कोर्ट ने PFI के चेयरमैन ओएमए सलाम और वाइस चेयरमैन ई.एम. अबूबकर समेत 21 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं.

हालांकि, सभी आरोपियों ने अदालत के सामने इन आरोपों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है. इसके बाद अब 29 जुलाई से इन सभी के खिलाफ एनआईए कोर्ट में नियमित ट्रायल शुरू होने जा रहा है.

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान ही अदालत ने इन सभी 21 आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने का आदेश जारी किया था. NIA ने इन आरोपियों को सितंबर 2022 में देश के अलग-अलग हिस्सों से छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था. तब से ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

टेरर कैंप चलाने के आरोप

पटियाला हाउस की स्पेशल NIA कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ बेहद गंभीर धाराओं में आरोप तय किए हैं. इनमें देश के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और जंग छेड़ने जैसे मामले शामिल हैं. इसके अलावा गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत भी आरोप भी शामिल हैं.

Advertisement

जांच के मुताबिक, इन नेताओं पर एक आतंकी संगठन के लिए फंड जुटाने, आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने, युवाओं को गुमराह कर टेरर कैंप आयोजित करने और आतंकी हरकतों के लिए नए सदस्यों की भर्ती करने के अपराध तय हुए हैं.

बीजेपी और RSS के नेता थे निशाने पर

जांच एजेंसी NIA के मुताबिक, इन आरोपियों का असल मकसद BJP और RSS के बड़े और प्रमुख पदाधिकारियों पर हमला करना था. इसके लिए बकायदा टारगेट तय किए गए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि आरोपी साल 2047 तक भारत में शरिया आधारित इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने की एक बड़ी और खतरनाक साजिश रच रहे थे. 

यह भी पढ़ें: PFI नेताओं पर चलेगा मुकदमा, अदालत ने कहा - 2047 तक भारत में इस्लामिक खिलाफत कायम करने की थी साजिश

इस काम को अंजाम देने के लिए देश और विदेशों से बड़े पैमाने पर फंड भी जुटाया जा रहा था. अब 29 जुलाई से शुरू होने वाले ट्रायल में NIA इन सभी पुख्ता सबूतों और गवाहों को अदालत के सामने पेश करेगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement