अमेरिका ने शनिवार को ईरान के पर फिर से हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना के मुताबिक यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज एम/वी जीएफएस गैलेक्सी (M/V G-Flex Galaxy) पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हमले के जवाब में की गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि शनिवार शाम 7:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार) हमले शुरू किए गए. यह इस सप्ताह ईरान के खिलाफ अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई है.
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि आईआरजीसी द्वारा साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर किए गए हमले में एक नागरिक चालक दल का सदस्य लापता हो गया है. जहाज में आग लग गई और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण जहाज अपनी आगे की यात्रा जारी रखने की स्थिति में नहीं है. अमेरिकी सेना ने कहा कि पहले भी ईरान को वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के लिए जवाबदेह ठहराने के बाद उसे समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने एक बार फिर ऐसा नहीं किया. इसी वजह से यह सैन्य कार्रवाई की गई.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमले करने के लिए करता है. अमेरिकी सेना ने बताया कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक्स पर लिखा, 'ईरान ने गलत फैसला लिया. अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी.'
ईरान में कई जगह सुने गए धमाके
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद केश्म द्वीप पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. वहीं ईरान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी (IRIB) ने बंदर अब्बास में तीन और सीरिक में दो धमाकों की जानकारी दी. अमेरिकी हमलों से कुछ घंटे पहले ईरान ने घोषणा की थी कि उसने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है. ईरान का कहना है कि एक जहाज ने होर्मुज में अनधिकृत मार्ग का इस्तेमाल किया था, जिस पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाई गई. आईआरआईबी के मुताबिक, आईआरजीसी की नौसेना ने कहा है कि जब तक क्षेत्र में अमेरिकी दखल खत्म नहीं होता, तब तक किसी भी जहाज को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि उन्होंने ओमान में अपने समकक्ष के साथ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी मुद्दों पर चर्चा की है. साथ ही उन्होंने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. दुनिया लंबे समय से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग मानती रही है, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान इस पर अपना नियंत्रण जताता रहा है. ईरान का कहना है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाना चाहिए, जबकि अमेरिका जहाजों को ओमान के क्षेत्रीय जल से होकर दक्षिणी मार्ग अपनाने की सलाह दे रहा है.