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बांग्लादेश में तारिक रहमान के शपथग्रहण में PM मोदी नहीं होंगे शामिल, ओम बिरला करेंगे प्रतिनिधित्व

भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश में नई सरकार के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं होने वाले हैं. उनकी जगह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जाएंगे. भारत की इस उच्चस्तरीय उपस्थिति को दोनों देशों के गहरे और स्थायी संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है.

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नई निर्वाचित सरकार के शपथ समारोह में भारत की मौजूदगी से संबंधों को बेहतर करने का संदेश जाएगा (Photo: PTI)
नई निर्वाचित सरकार के शपथ समारोह में भारत की मौजूदगी से संबंधों को बेहतर करने का संदेश जाएगा (Photo: PTI)

बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) ने बंपर जीत हासिल की है. 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों में BNP ने कुल 300 में से 212 सीटें जीत लीं. जीत के साथ ही तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जिनका विषय क्षेत्र में राजनीतिक और कूटनीतिक बदलावों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत की ओर से शपथ ग्रहण समारोह का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं करेंगे. 

भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 17 फरवरी 2026 को ढाका में आयोजित बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे. यह समारोह BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के औपचारिक कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम का हिस्सा है.

इस हाई-लेवल प्रतिनिधित्व को दोनों देशों के बीच गहरे और स्थायी संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है. भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक जुड़ाव लंबे समय से रहा है, और दोनों देशों के संबंध अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत होते रहे हैं. 

नई निर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की उपस्थिति को द्विपक्षीय संबंधों की निरंतरता और सहयोग की भावना के तौर पर देखा जा रहा है.

भारत ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनी गई सरकार का स्वागत किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फ़ोन करके बधाई भी दी है. तारिक रहमान के नेतृत्व को वहां की जनता से साफ़ जनादेश प्राप्त हुआ है, जिसे भारत ने सकारात्मक रूप में स्वीकार किया है. यह नई सरकार क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में अहम भूमिका निभा सकती है.

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ओम बिरला की भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों और पड़ोसी देशों के साथ आपसी सम्मान पर आधारित मजबूत रिश्तों को महत्व देता है. यह कदम दोनों देशों के बीच सहयोग, संवाद और साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है. भारत और बांग्लादेश के बीच मित्रता और पारस्परिक समझ को बढ़ावा देने के लिए यह अवसर विशेष महत्व रखता है.

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