बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (Bangladesh Nationalist Party/BNP) बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में से एक है. इसकी स्थापना 1 सितंबर 1978 को तत्कालीन राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान ने की थी. पार्टी का उद्देश्य देश में राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करना और लोगों को एक राजनीतिक मंच पर जोड़ना था. BNP को बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के साथ देश की मुख्यधारा की बड़ी राजनीतिक ताकतों में गिना जाता है.
स्थापना के शुरुआती दौर में BNP को “स्वतंत्रता संग्राम के मैदान से निकली पार्टी” के रूप में भी देखा गया. 1978 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद ज़ियाउर रहमान ने इसे संगठित किया और 1981 में उनकी हत्या तक वे इसके प्रमुख नेता रहे. उनके निधन के बाद पार्टी की कमान उनकी पत्नी खालिदा जिया ने संभाली. खालिदा जिया ने लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व किया और 2018 में जेल जाने तक वह पार्टी की अध्यक्ष रहीं. इसके बाद पार्टी की जिम्मेदारी उनके बेटे तारिक रहमान ने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में संभाली. 2025 में खालिदा जिया के निधन के बाद तारिक रहमान को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया.
BNP ने कई बार चुनावी जीत हासिल की है. पार्टी ने राष्ट्रपति चुनावों और राष्ट्रीय संसद चुनावों में भी अलग-अलग समय पर सफलता पाई. BNP से जुड़े कई नेता बांग्लादेश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके हैं. इनमें ज़ियाउर रहमान, अब्दुस सत्तार, अब्दुर रहमान बिस्वास, ए. क्यू. एम. बदरुद्दोज़ा चौधरी और मुहम्मद जमीरुद्दीन सरकार जैसे राष्ट्रपति शामिल हैं. वहीं मशीउर रहमान, शाह अज़ीज़ुर रहमान और खालिदा जिया देश के प्रधानमंत्री रहे हैं.
खालिदा ज़िया का राजनीतिक करियर बांग्लादेश की राजनीति में खास माना जाता है. वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं और पाकिस्तान की बेनज़ीर भुट्टो के बाद किसी मुस्लिम-बहुल देश की दूसरी महिला प्रधानमंत्री के रूप में पहचानी गईं. BNP ने जून 1996 के चुनाव में 116 सीटें जीतकर उस समय देश के संसदीय इतिहास में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनने का रिकॉर्ड भी बनाया था.
BNP की राजनीति का आधार राष्ट्रवाद, बांग्लादेशी पहचान, और बंगाली संस्कृति के साथ इस्लामी परंपराओं का मिश्रण माना जाता है. पार्टी वैश्वीकरण को समर्थन देने वाली पार्टी के रूप में भी देखी जाती है और विदेशी निवेश, प्रवासी आय (रेमिटेंस) और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने की बात करती रही है. इसके साथ ही पार्टी चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के साथ रिश्तों को मजबूत करने के पक्ष में रही है.
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ‘नरसंहार दिवस’ पर अपने संदेश में 1971 के इतिहास को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. उनके इस बयान से संकेत मिल रहे हैं कि बीएनपी सरकार पाकिस्तान को लेकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार के 'नरम रुख' से अलग नीति अपनाएगी.
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद सेना में बड़े फेरबदल किए गए हैं. भारत से रक्षा सलाहकार को वापस बुला लिया गया है और उन्हें प्रमोशन दिया गया है. इसके अलावा हफीजुर रहमान को मेजर जनरल नियुक्त किया गया.
एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया है कि 13वें राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी ने भारत और अवामी लीग के साथ कथित साठगांठ कर जीत सुनिश्चित की. उन्होंने चुनाव परिणामों को "संदिग्ध" बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
Bangladesh 13th National Election पर सियासत गरम. NCP नेता Nahid Islam ने BNP पर India और Awami League से alleged collusion का आरोप लगाया, चुनाव नतीजों की impartial probe की मांग.
बांग्लादेश के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने भारत और बीसीसीआई के साथ संबंध सुधारने की इच्छा जताई है. उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी को "जल्द सुलझाने" की बात कही और पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्ते बनाए रखने पर जोर दिया.
बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में किसी तरह की समस्या न होने देना सरकार की प्राथमिकता है.
जमात गठबंधन जुलाई चार्टर को दरकिनार किए जाने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी देने के साथ-साथ बीएनपी प्रमुख पर जनादेश चोरी करने का आरोप भी लगा रहा है. जमात गठबंधन और एनसीपी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान ने चुनाव परिणामों में हेरफेर की.
Bangladesh चुनाव के बाद BNP chief Tarik Rahman को ‘Engineer’ क्यों कहा जा रहा है? Jamati alliance ने लगाए election engineering के आरोप, सोशल मीडिया पर मीम्स वायरल.
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार में एक हिंदू और एक बौद्ध जनप्रतिनिधि को मंत्री बनाया गया है. निताई रॉय चौधरी और दिपेन देवान की नियुक्ति ऐसे समय में अहम मानी जा रही है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं.
बांग्लादेश में जुलाई चार्टर को लेकर BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच विवाद छिड़ गया है. BNP ने संविधान सुधार परिषद की सदस्यता के लिए शपथ लेने से इनकार किया जिसके बाद जमात और NCP ने कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह का ही बहिष्कार कर दिया.
Bangladesh PM Oath Ceremony LIVE Updates: बांग्लादेश में 13वीं राष्ट्रीय संसद के नवनिर्वाचित सदस्यों ने 17 फरवरी को शपथ लेकर सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की. संसद परिसर के साउथ प्लाजा में मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई. बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं.
बांग्लादेश में नई सरकार बन रही है. बीएनपी के नेता तारिक रहमान पीएम बनेंगे. आज बांग्लादेश के संसद में उनका शपथग्रहण समारोह है. बांग्लादेश का ये संसद वहां का एक ऐतिहासिक भवन है और अतीत की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं का गवाह भी रहा है. यह भवन ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्किटेक्चरल दृष्टिकोण से बहुत ही खास है. इसका अपना एक अलग इतिहास रहा है.
17 फरवरी 2026 बीएनपी के चेयरमैन तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं. बीएनपी ने 12 फरवरी के चुनावों में 212 सीटें जीतकर लगभग 20 साल बाद सत्ता में वापसी की है. माना जा रहा है कि बीएनपी की नई कैबिनेट में वरिष्ठ और युवा चेहरों का मिश्रण होगा.
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन से पहले अपने अंतिम संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने नेपाल, भूटान और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों 'सेवन सिस्टर्स' का जिक्र करते हुए क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग का प्रस्ताव रखा. उन्होंने भारत का नाम सीधे नहीं लिया.
बांग्लादेश के लिए मंगलवार का दिन बहुत बड़ा रहने वाला है. बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी लेने वाले हैं. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन उन्हें शाम चार बजे शपथ दिलाएंगे. भारत की ओर से ओम बिरला शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे.
Tarique Rahman के शपथ ग्रहण से पहले BNP ने India-Bangladesh relations पर कहा—“भारत से युद्ध नहीं, बातचीत ज़रूरी” Sheikh Hasina extradition पर भी बयान.
सरकार गठन से दो दिन पहले तारिक रहमान ने जमात और नेशनल सिटिजन पार्टी नेताओं से मुलाकात की. चुनावी जीत के बाद हुई इन बैठकों को सकारात्मक राजनीतिक शुरुआत बताया जा रहा है.
बांग्लादेश में तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में PM मोदी नहीं होंगे शामिल, ओम बिरला करेंगे प्रतिनिधित्व. बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने बहुमत हासिल किया है. जीत के बाद तारिक रहमान नई सरकार का नेतृत्व करने जा रहे हैं
भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश में नई सरकार के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं होने वाले हैं. उनकी जगह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जाएंगे. भारत की इस उच्चस्तरीय उपस्थिति को दोनों देशों के गहरे और स्थायी संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है.
बांग्लादेश चुनाव में तारिक रहमान की दूरदर्शिता ने BNP को ऐतिहासिक जीत दिलाई. दूसरी तरफ छात्र नेताओं को बताया कि सड़क की ताकत को बैलेट में बदलना आसान नहीं होता. NCP को समझना होगा कि जोश को संगठन में और नारों को वोट में बदलने का हुनर अभी साधना बाकी है.
रीसेट मोड में बांग्लादेश. भारत से रिश्ते पर ढाका के बदल गए सुर. बीएनपी की ऐतिहासिक जीत के बाद ढाका ने भारत को लेकर नरम रुख अपनाया है. तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश अब बदली राजनीतिक हकीकत के आधार पर रिश्ते तय करेगा