सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि निजाम के गहनों का एक सेट भारतीय रिजर्व बैंक के पास कड़ी सुरक्षा में संरक्षित है. संस्कृति मंत्रालय ने इन गहनों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखित जवाब में कहा कि हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए इस सेट को स्थानांतरित करने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है.
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आरबीआई के वॉल्ट में रखे हैं 173 बहुमूल्य गहने
निजाम हैदराबाद रियासत के शासक थे और आजादी के बाद यह क्षेत्र भारत संघ में विलय हुआ था. मंत्री से पूछा गया था कि क्या सरकार को जानकारी है कि 1995 से निजाम के 173 बहुमूल्य गहने आरबीआई के वॉल्ट में सुरक्षित रखे गए हैं. इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया.
उनसे यह भी पूछा गया कि क्या सरकार हैदराबाद के लोगों के लिए इन गहनों के गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व और इस लंबे समय से चली आ रही जनभावना को मान्यता देती है कि इन्हें उनके मूल शहर में प्रदर्शित किया जाना चाहिए.
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'प्रदर्शनी के लिए गहनों को हैदराबाद ले जाने का कोई प्लान नहीं'
शेखावत ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय निजाम के गहनों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व के साथ-साथ उनसे जुड़े सार्वजनिक हित को भी मानता है. उन्होंने बताया कि आरबीआई के साथ सुरक्षा, बीमा और संरक्षण से जुड़े मौजूदा समझौते के तहत ये गहने हाई वैल्यू और हाई सिक्योरिटी वाली कस्टडी में रखे गए हैं. हालांकि मंत्री ने साफ किया कि हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए इस संग्रह को स्थानांतरित करने का फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है.