नीट पेपर लीक मामले में शुक्रवार को संसदीय समिति की बैठक आयोजीत की गई. इसमें सीबीआई के डायरेक्टर, स्पेशल डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर भी शामिल हुए. वहीं, एनटीए के डायरेक्टर को भी समिति के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया गया था.
बैठत में इस समिति के केवल चार या पांच सदस्य ही उपस्थित थे. इसमें समिति के अध्यक्ष एम. थंबीदुरई के साथ-साथ लहर सिंह सिरोया, नीरज डांगी और वीरेंद्र कुमार वैश्य शामिल थे. अध्यक्ष सहित समिति में कुल 11 सदस्य हैं.
नीट पेपर लीक मामले के लेकर बुलाई गई यह बैठक लगभग डेढ़ घंटे तक चली. जानकारी के मुताबिक, एनटीए के डायरेक्टर ने समिति को भरोसा दिया कि आगे से परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और नकल-मुक्त बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
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समिति के सदस्यों ने एनटीए डायरेक्टर और सीबीआई अधिकारियों से सवाल किया कि इस मामले को लेकर आपस में मिलकर काम क्यों नहीं किया जाता है, ताकि परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और बिना गड़बड़ी के हो सकें.
13 लोगों की गिरफ्तारी
सीबीआई ने संसदीय समिति को सूचित किया कि 2026 के नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इस मामले में जांच और पूछताछ जारी है.
बता दें, नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया. इस मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक इसे लेकर कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी (जिन्हें मास्टरमाइंड बताया जा रहा है), लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह सहित कुछ अन्य शिक्षक और कोचिंग से जुड़े लोग शामिल हैं.