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विम्बलडन में बगावत की तैयारी! प्राइज मनी को लेकर स्टार खिलाड़ियों ने खोला मोर्चा, मुश्किल में आयोजक

विम्बलडन 2026 की शुरुआत से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है. स्टार खिलाड़ियों ने मांग की है कि इस टूर्नामेंट में मिलने वाली प्राइज मनी में और बढ़ोतरी की जाए. विम्बलडन में आयोजकों को जो आमदनी होती है, उसका बहुत कम हिस्सा ही खिलाड़ियों को मिलता है.

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विम्बलडन में प्राइज मनी को लेकर मचा बवाल... (Photo: Getty Images)
विम्बलडन में प्राइज मनी को लेकर मचा बवाल... (Photo: Getty Images)

साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम विम्बलडन की शुरुआत 29 जून से हो रही है और इसका समापन 12 जुलाई को होना है. विम्बलडल 2026 के शुरू होने से पहले टेनिस जगत में हलचल मच गई है. ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई दिग्गज खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में मिलने वाली प्राइज मनी से असंतुष्ट हैं और इसके खिलाफ संगठित विरोध की तैयारी कर रहे हैं. खिलाड़ियों का मानना है कि ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों से होने वाली भारी कमाई का बड़ा हिस्सा उन्हें मिलना चाहिए.

रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ी विरोध के तौर पर अपनी अनिवार्य प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया इंटरैक्शन को केवल 15 मिनट तक सीमित रख सकते हैं. माना जा रहा है कि यह कदम विम्बलडन के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है. इस रणनीति का उद्देश्य टूर्नामेंट आयोजकों और वैश्विक टेनिस प्रशासन का ध्यान खिलाड़ियों की मांगों की ओर आकर्षित करना है.

दरअसल, विम्बलडन की कुल आय का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा ही खिलाड़ियों को प्राइज मनी के रूप में मिलता है. कई खिलाड़ियों का तर्क है कि टेनिस के निचले स्तर पर मौजूद खिलाड़ियों के लिए यात्रा, कोचिंग, फिटनेस ट्रेनिंग और अन्य पेशेवर खर्चों को वहन करना बेहद मुश्किल होता है. ऐसे में टूर्नामेंट की कमाई का अधिक हिस्सा खिलाड़ियों को दिया जाना चाहिए.

आर्यना सबालेंका भी नाराज
इस मुद्दे ने फ्रेंच ओपन के दौरान जोर पकड़ा था, जब विमेंस सिंगल्स रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने सार्वजनिक रूप से ग्रैंड स्लैम में मिलने वाली प्राइज मनी को लेकर सवाल उठाए थे. सबालेंका ने उस दौरान अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कटौती की थी. उनके अलावा पुरुषों के विश्व नंबर-1 जैनिक सिनर और अमेरिकी स्टार कोको गॉफ भी मौजूदा व्यवस्था पर निराशा जता चुके हैं.

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हालांकि विम्बलडन आयोजकों ने इस साल खिलाड़ियों के लिए रिकॉर्ड बढ़ोतरी की घोषणा की है. टूर्नामेंट की कुल प्राइज मनी 64.2 मिलियन पाउंड कर दी गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है. पहले दौर में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी को 80000 पाउंड मिलेंगे. जबकि मेन्स और विमेंस सिंगल्स चैम्पियंस को 3.6 मिलियन पाउंड की इनामी राशि दी जाएगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 लाख पाउंड ज्यादा है.

इसके बावजूद खिलाड़ियों का एक वर्ग मानता है कि यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है. उनका कहना है कि ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की कमाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन खिलाड़ियों को मिलने वाला हिस्सा उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहा. वहीं, विम्बलडन का संचालन करने वाले ऑल इंग्लैंड क्लब ने संभावित विरोध पर नाराजगी जताई है. क्लब ने इसे हैरान करने वाला और निराशाजनक बताया है. आयोजकों का कहना है कि उन्होंने न केवल रिकॉर्ड प्राइज मनी बढ़ाई है, बल्कि खिलाड़ियों और खेल के विकास पर भी लगातार निवेश किया है.

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या खिलाड़ी वास्तव में विम्बलडन 2026 के दौरान विरोध का रास्ता अपनाते हैं या फिर आयोजकों और प्लेयर्स के बीच कोई समझौता होगा.

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