डिजिटल दौर में जीवनसाथी की तलाश के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और ऐप्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. लाखों लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने लिए उपयुक्त जीवनसाथी खोज रहे हैं. लेकिन इसी बढ़ते चलन का फायदा अब साइबर ठग भी उठा रहे हैं. गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने देशभर के लोगों को बढ़ते मैट्रिमोनियल फ्रॉड को लेकर सतर्क किया है.
MHA-I4C के अनुसार, ठग नकली प्रोफाइल बनाकर खुद को अमीर बिजनेसमैन, डॉक्टर, इंजीनियर, सेना के अधिकारी, मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत प्रोफेशनल या विदेश में रहने वाला एनआरआई बताते हैं. बातचीत के दौरान भरोसा जीतने के बाद शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की जाती है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई पीड़ित शिक्षित और आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी होते हैं.
कैसे होता है मैट्रिमोनियल स्कैम?
साइबर अपराधी पहले किसी लोकप्रिय मैट्रिमोनियल वेबसाइट या ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं. प्रोफाइल में आकर्षक तस्वीरें, ऊंची नौकरी, अच्छी सैलरी और विदेश में रहने जैसी जानकारियां दी जाती हैं, ताकि सामने वाला व्यक्ति प्रभावित हो जाए.
इसके बाद पीड़ित से संपर्क किया जाता है. शुरुआत में सामान्य बातचीत होती है, फिर रोजाना बातचीत के जरिए भावनात्मक रिश्ता बनाया जाता है. कुछ ही दिनों में शादी की इच्छा जताई जाती है और भविष्य के सपने दिखाए जाते हैं.
जब ठग को लगता है कि सामने वाला पूरी तरह भरोसा कर चुका है, तब पैसों की मांग शुरू होती है. कभी महंगे गिफ्ट भेजने का दावा किया जाता है, तो कभी कस्टम ड्यूटी भरने की बात कही जाती है. कई मामलों में विदेश से भारत आने के लिए टिकट, वीजा, ट्रैवल खर्च या अचानक मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगे जाते हैं.
यह भी पढ़ें: मैट्रिमोनियल साइट पर 'करोड़पति' बताया, महिला से दुष्कर्म कर हड़पे 41 लाख रुपये
जैसे ही पीड़ित पैसे ट्रांसफर कर देता है, ठग या तो संपर्क तोड़ देता है या फिर किसी नए बहाने से और पैसे मांगने लगता है.
ठगी का पूरा पैटर्न कैसे होता है?
MHA-I4C के मुताबिक, अधिकांश मामलों में साइबर अपराधी एक तय रणनीति अपनाते हैं.
• मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाना.
• खुद को अमीर प्रोफेशनल या विदेश में कार्यरत व्यक्ति बताना.
• लगातार बातचीत कर भरोसा जीतना.
• जल्द शादी का प्रस्ताव देना.
• गिफ्ट, कस्टम चार्ज, ट्रैवल एक्सपेंस या इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगना.
• पैसा मिलते ही संपर्क खत्म कर देना या नए बहाने से दोबारा रकम मांगना.
किन संकेतों को समझें ‘रेड फ्लैग’?
ऑनलाइन रिश्ता बनाते समय कुछ संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
1. बहुत जल्दी शादी की बात करना
अगर कोई व्यक्ति कुछ दिनों की बातचीत में ही शादी का दबाव बनाने लगे, तो सावधान हो जाएं.
2. पैसे की मांग
सच्चा रिश्ता कभी पैसों से शुरू नहीं होता. यदि कोई ऑनलाइन मिला व्यक्ति किसी भी कारण से पैसे मांग रहा है, तो यह बड़ा खतरे का संकेत है.
3. विदेश से गिफ्ट भेजने का दावा
महंगे गिफ्ट भेजने और फिर कस्टम ड्यूटी या टैक्स भरने के लिए पैसे मांगना सबसे आम ठगी का तरीका है.
4. पहचान बताने से बचना
वीडियो कॉल से बचना, सरकारी पहचान पत्र साझा न करना या बार-बार बहाने बनाना भी संदेह पैदा करता है.
5. भावनात्मक दबाव बनाना
“अगर मुझसे प्यार है तो मदद करो”, “मेरी इमरजेंसी है”, “मैं सिर्फ तुम पर भरोसा करता हूं” जैसी बातें अक्सर ठगों की रणनीति होती हैं.
यह भी पढ़ें: मैट्रिमोनियल साइट पर 'जिज्ञासा कपूर' बनकर 2 करोड़ की ठगी, गुजरात से नेपाल तक फैले तार
MHA-I4C की एडवाइजरी: इन बातों का रखें ध्यान
गृह मंत्रालय के I4C ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन रिश्तों में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.
• किसी भी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें.
• केवल ऑनलाइन जान-पहचान के आधार पर कभी पैसे ट्रांसफर न करें.
• गिफ्ट, कस्टम चार्ज, ट्रैवल एक्सपेंस या इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें.
• जल्द शादी, जल्द भरोसा या जल्द पैसे की मांग को रेड फ्लैग मानें.
• किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल की तुरंत शिकायत करें.
फ्रॉड की पहचान कैसे करें?
यदि आप किसी ऑनलाइन प्रोफाइल से बात कर रहे हैं, तो इन बातों की जांच अवश्य करें.
• वीडियो कॉल पर बातचीत करें.
• सोशल मीडिया प्रोफाइल का मिलान करें.
• नौकरी और कंपनी की जानकारी की पुष्टि करें.
• परिवार से बात करने का अनुरोध करें.
• मिलने से पहले किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन न करें.
• प्रोफाइल फोटो का रिवर्स इमेज सर्च भी मददगार हो सकता है.
यदि ठगी हो जाए तो क्या करें?
अगर आप या आपका कोई परिचित इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो समय गंवाए बिना कार्रवाई करें.
तुरंत 1930 पर कॉल करें
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं. जितनी जल्दी सूचना देंगे, पैसे रुकने या रिकवर होने की संभावना उतनी अधिक होगी.
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
भारत सरकार के cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाकर विस्तृत शिकायत दर्ज करें.
सभी सबूत सुरक्षित रखें
• चैट के स्क्रीनशॉट
• प्रोफाइल लिंक
• मोबाइल नंबर
• ईमेल
• बैंक ट्रांजैक्शन की रसीद
• यूपीआई आईडी
• कॉल रिकॉर्ड (यदि उपलब्ध हो)
इन सभी जानकारियों को जांच एजेंसियों के साथ साझा करें.
यह भी पढ़ें: AI से बनती थीं दुल्हनें, खूबसूरती पर फिदा हो जाते थे कुंवारे... कानपुर में फर्जी मैट्रिमोनियल गैंग की कारस्तानी
ऐसे फ्रॉड भावनाओं को बनाते हैं हथियार
मैट्रिमोनियल फ्रॉड सामान्य वित्तीय धोखाधड़ी से अलग है, क्योंकि इसमें अपराधी पहले भावनात्मक रिश्ता बनाता है. शादी, विश्वास और भविष्य के सपनों का सहारा लेकर पीड़ित का भरोसा जीता जाता है. कई बार पीड़ित लंबे समय तक यह मानने को तैयार नहीं होता कि उसके साथ धोखा हुआ है. यही कारण है कि ऐसे मामलों में आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक और भावनात्मक आघात भी गहरा होता है.
डिजिटल सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
ऑनलाइन रिश्ते बनाना गलत नहीं है, लेकिन बिना सत्यापन के किसी पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है. साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं और अब मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म भी उनके निशाने पर हैं.
MHA-I4C की यह चेतावनी केवल एक एडवाइजरी नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण संदेश है जो इंटरनेट के जरिए जीवनसाथी की तलाश कर रहा है. थोड़ी-सी सतर्कता आपको लाखों रुपये की ठगी और भावनात्मक शोषण से बचा सकती है.