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Mann Ki Baat: 'जनगणना में भाग लेना हर नागरिक की जिम्मेदारी...', PM मोदी की जनता से अपील

साल 2027 में भारत में जनगणना होनी है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में जरूरी बताया. वहीं, भारत में पवन ऊर्जा उत्पादन की कुल क्षमता 56 गीगावाट से ज्यादा हो गई है. पीएम मोदी ने इस दौरान इस उपलब्धि को नया मील का पत्थर करार दिया.

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प्रधानमंत्री मोदी ने जनगणना को अहम बताया. (File Photo: ITG)
प्रधानमंत्री मोदी ने जनगणना को अहम बताया. (File Photo: ITG)

भारत ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देश की कुल पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता अब 56 गीगावाट (GW) के पार पहुंच गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो शो 'मन की बात' में इसकी जानकारी दी. इस दौरान उन्होंने सभी भारतीयों से जनगणना 2027 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भी अपील की.

पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए जनगणना 2027 को एक अहम राष्ट्रीय अभियान बताया. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है. पीएम ने भरोसा दिलाया कि लोगों की दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी.

उन्होंने इस दौरान बिजली बचाने और साफ-सुथरी ऊर्जा अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने सौर और पवन ऊर्जा भारत के विकास के लिए जरूरी बताया. पीएम मोदी ने सौर और पवन ऊर्जा के विकास को भविष्य की सुरक्षा के लिए अहम बताया.

प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में कहा, 'भारत ने हाल ही में पवन ऊर्जा में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है. हमारी पवन ऊर्जा क्षमता अब 56 गीगावाट से ज्यादा हो गई है. सिर्फ पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावाट नई क्षमता जोड़ी गई है.'

अब तक का सबसे शानदार साल रहा 2025-2026

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी इस सफलता पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि साल 2025-26 भारत के लिए पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अब तक का सबसे ऐतिहासिक साल रहा है. इस एक साल में देश ने रिकॉर्ड 6.1 गीगावाट क्षमता जोड़ी है. जोशी ने बताया कि 150 मीटर की ऊंचाई पर भारत की पवन ऊर्जा क्षमता लगभग 1,164 गीगावाट होने की उम्मीद है.

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बता दें कि भारत अब दुनिया में पवन ऊर्जा के मामले में चौथे स्थान पर है. 56.1 गीगावाट से की बढ़ोतरी के बाद अब 28 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता पर काम चल रहा है. भारत में पवन ऊर्जा की संभावनाएं बहुत विशाल हैं. 

सरकार ने भरोसा जताया कि भारत 2030 तक 100 गीगावाट और 2036 तक 156 गीगावाट पवन क्षमता का लक्ष्य हासिल कर लेगा. ये 2070 तक 'नेट-जीरो' (जीरो कार्बन उत्सर्जन) के लक्ष्य को पाने में बड़ी मदद करेगा.

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