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Video: जब पहली बार भारतीय थिएटर पहुंची कोरियन महिला, लगा ऐसा कल्चर शॉक

भारत में रहने वाली एक कोरियन महिला जब पहली बार यहां के थिएटर में फिल्म देखने पहुंची तो बीच में अचानक स्क्रीन बंद हो गई और लाइटें जल उठीं. लोगों को सीटों से उठते देख उसे लगा कि शायद कोई इमरजेंसी हो गई है. लेकिन जब असली वजह पता चली तो उसे ऐसा कल्चर शॉक मिला, जो बाद में उसे पसंद भी आने लगा.

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विदेश से भारत आने वाले लोगों को यहां कई चीजें हैरान करती हैं (सांकेतिक तस्वीर:Pexel)
विदेश से भारत आने वाले लोगों को यहां कई चीजें हैरान करती हैं (सांकेतिक तस्वीर:Pexel)

विदेश से भारत आने वाले लोगों को यहां कई चीजें हैरान करती हैं. किसी को भारतीय खाना अलग लगता है तो कोई यहां के ट्रैफिक को देखकर चौंक जाता है. लेकिन चेन्नई में रहने वाली एक कोरियन महिला को भारत में सबसे बड़ा 'कल्चर शॉक' ऐसी जगह मिला, जहां शायद उन्होंने इसकी उम्मीद भी नहीं की थी.

महिला अपने बच्चों के साथ सिनेमाघर में फिल्म देखने पहुंची थीं. सबकुछ सामान्य चल रहा था कि अचानक फिल्म बीच में रुक गई. स्क्रीन ब्लैक हो गई, लाइटें जल उठीं और लोग अपनी सीटों से उठकर बाहर जाने लगे. यह देखकर महिला घबरा गईं. उन्हें लगा कि कहीं थिएटर में कोई इमरजेंसी तो नहीं हो गई.

लेकिन असलियत पता चली तो वह हैरान रह गईं.

दो बेटों के साथ फिल्म देखने पहुंचीं जंग ए दक्षिण कोरिया की जंग ए अपने परिवार के साथ चेन्नई में रहती हैं. वह सोशल मीडिया पर भारत में अपनी जिंदगी और अनुभवों से जुड़े वीडियो शेयर करती रहती हैं.

हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर भारतीय सिनेमाघरों से जुड़ा अपना अनुभव शेयर किया. वीडियो में वह अपने दो बेटों के साथ फिल्म देखने के लिए एक मल्टीप्लेक्स पहुंचती नजर आती हैं.

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मल्टीप्लेक्स में एंट्री करने से लेकर सिक्योरिटी चेक, पॉपकॉर्न खरीदने और थिएटर में अपनी सीट तक पहुंचने की झलक वीडियो में दिखाई देती है.

जंग ए के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें भारत और दक्षिण कोरिया के सिनेमाघरों के बीच ज्यादा अंतर नजर नहीं आया. एंट्री, टिकट काउंटर, फिल्मों के पोस्टर और पॉपकॉर्न काउंटर जैसी चीजें उन्हें जानी-पहचानी लगीं.

शुरुआत में जिस एक चीज ने उनका ध्यान खींचा, वह थिएटर में प्रवेश से पहले होने वाली सिक्योरिटी चेकिंग थी. लेकिन असली सरप्राइज फिल्म के बीच उनका इंतजार कर रहा था.

फिल्म रुकी और अचानक जल गईं लाइटें

फिल्म चल रही थी और जंग ए अपने बच्चों के साथ उसे देख रही थीं. तभी अचानक स्क्रीन ब्लैक हो गई. थिएटर की लाइटें जल गईं और आसपास बैठे लोग अपनी सीटों से उठने लगे.पहली बार ऐसा होते देख जंग ए समझ नहीं पाईं कि आखिर हुआ क्या है.

लोगों को बाहर जाते देख उन्हें लगा कि शायद कोई गड़बड़ हो गई है. उनके मन में यहां तक ख्याल आया कि कहीं थिएटर में कोई इमरजेंसी तो नहीं है.

लेकिन कुछ ही देर में उन्हें पता चला कि फिल्म किसी परेशानी की वजह से नहीं रुकी थी. यह तो भारत के सिनेमाघरों में मिलने वाला इंटरवल था.

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कोरिया में फिल्म के बीच नहीं मिलता ऐसा ब्रेक

जंग ए के लिए इंटरवल हैरान करने वाला था क्योंकि उनके मुताबिक, दक्षिण कोरिया के सिनेमाघरों में आमतौर पर फिल्म के बीच ऐसा ब्रेक नहीं दिया जाता.उन्होंने बताया कि फिल्म कई घंटे लंबी क्यों न हो, दर्शक उसे लगातार देखते हैं. अगर किसी को वॉशरूम जाना हो या किसी दूसरे काम से बाहर निकलना हो तो वह फिल्म चलते समय ही चुपचाप बाहर चला जाता है. इसके लिए स्क्रीनिंग को रोककर सभी दर्शकों को एक साथ ब्रेक देने का चलन वहां आम नहीं है.

भारत में मामला अलग था. यहां इंटरवल होते ही लोगों को सीट से उठने, वॉशरूम जाने, थोड़ा चलने या खाने-पीने की चीजें खरीदने का वक्त मिल गया.

देखें वीडियो

पहले लगा अजीब, फिर पसंद आ गया भारतीय सिस्टम

पहली बार इंटरवल देखकर जंग ए भले ही घबरा गई थीं, लेकिन समय के साथ भारतीय सिनेमाघरों का यह सिस्टम उन्हें पसंद आने लगा.उनके मुताबिक, लंबी फिल्म के बीच मिलने वाला यह छोटा सा ब्रेक काफी सुविधाजनक है. इस दौरान दर्शक थोड़ा आराम कर सकते हैं और फिर फिल्म का दूसरा हिस्सा देख सकते हैं. शुरुआत में जो चीज उन्हें अजीब लगी थी, अब उसी के बारे में उनका मानना है कि भारतीय सिनेमाघरों का यह सिस्टम बेहतर है.

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सोशल मीडिया पर लोगों ने बताई इंटरवल की दूसरी वजह

जंग ए का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया तो भारतीय यूजर्स ने भी इंटरवल को लेकर अपनी राय शेयर करनी शुरू कर दी.कई लोगों ने कहा कि लंबी फिल्म के बीच ब्रेक मिलना सुविधाजनक है. खासकर बच्चों या परिवार के साथ फिल्म देखने वालों के लिए इंटरवल वॉशरूम जाने और थोड़ा आराम करने का मौका देता है.

वहीं, कुछ यूजर्स ने इंटरवल को सिनेमाघरों के बिजनेस से भी जोड़कर देखा. उनका कहना था कि फिल्म के बीच मिलने वाले ब्रेक में बड़ी संख्या में लोग पॉपकॉर्न, कोल्ड ड्रिंक और दूसरी खाने-पीने की चीजें खरीदते हैं.

कुछ लोगों ने यह भी बताया कि अब कई सिनेमाघरों में मोबाइल फोन से खाना ऑर्डर करने और उसे सीधे सीट तक मंगाने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

भारत में फिल्म देखते समय इंटरवल होना ज्यादातर लोगों के लिए बेहद सामान्य बात है. शायद ही कोई भारतीय दर्शक स्क्रीन ब्लैक होने और लाइट जलने पर इसे इमरजेंसी समझे. लेकिन दक्षिण कोरिया से आई जंग ए के लिए यही छोटी सी चीज बड़ा 'कल्चर शॉक' बन गई.दिलचस्प बात यह है कि जिस इंटरवल ने पहली बार उन्हें घबरा दिया था, भारत में रहते-रहते अब वही उन्हें पसंद आने लगा है.

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