scorecardresearch
 

'पाकिस्तान से जंग भी लड़ते हैं और कहते हैं युद्ध का दौर नहीं', कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का तंज

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान से बातचीत नहीं करने पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए अटारी-वाघा बॉर्डर पर ही संवाद शुरू करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि शांति, कूटनीति और जंग पर भारत का मौजूदा रुख विरोधाभासी दिखता है, और बातचीत ही मुद्दों के रचनात्मक हल का रास्ता है.

Advertisement
X
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर. (Photo- ITG)
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर. (Photo- ITG)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया से कहता है कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन पाकिस्तान के साथ जंग भी लड़ता है. अय्यर ने कहा कि इससे भारत को पाखंडी यानी ‘हिपॉक्रिटिकल’ देश के तौर पर देखा जा रहा है.

दिल्ली में 5वें ‘हल्ला बोले’ कॉन्क्लेव में बोलते हुए अय्यर ने कहा कि भारत के पास पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस है, लेकिन उसके साथ बातचीत की मेज पर बैठने की हिम्मत नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि भारत पाकिस्तान से बात क्यों नहीं कर सकता और दोनों देश दोस्ती की कोशिश क्यों नहीं कर सकते.

यह भी पढ़ें: 'ममता बनर्जी ने राज्यसभा का प्रलोभन...', राहुल गांधी को घेर रहे मणिशंकर अय्यर पर बोले अधीर रंजन

‘अटारी-वाघा बॉर्डर पर रख दें टेबल’

मणिशंकर अय्यर ने भारत-पाकिस्तान बातचीत के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर पर टेबल रखने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधि सीमा पर ही बैठकर बातचीत कर सकते हैं, ताकि न भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाए और न पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भारत आए. उन्होंने कहा कि बातचीत लगातार जारी रहनी चाहिए. इससे यह तय किया जा सकता है कि किन मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है और किन पर अभी सहमति नहीं बन सकती. जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बने, उन्हें कुछ समय के लिए टाला जा सकता है और माहौल बदलने पर दोबारा उन पर बात की जा सकती है.

Advertisement

‘अतीत पर बहस करना विदेश नीति नहीं’

मणिशंकर अय्यर ने कहा कि पुराने मुद्दों पर सिर्फ बहस करते रहना विदेश नीति नहीं है. उनके मुताबिक, किसी भी रचनात्मक नतीजे तक पहुंचने का रास्ता बातचीत से ही निकल सकता है, चाहे इसमें कितना भी समय लगे. उन्होंने अमेरिका और रूस के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंध और बातचीत का सिलसिला पूरी तरह खत्म नहीं किया. अय्यर ने कहा, "समझदार देश एक-दूसरे से बात करते हैं, बेवकूफ देश बात नहीं करते."

भारत की विदेश नीति पर भी उठाए सवाल

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा कि भारत ने क़्वाड में शामिल होकर चीन को नाराज किया और अब अमेरिका भी कह रहा है कि क़्वाड मायने नहीं रखता. उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता से ज्यादा लेन-देन वाली नीति बताया.

यह भी पढ़ें: मणिशंकर अय्यर के बयान से कांग्रेस ने बनाई दूरी, CM पिनरई विजयन को लेकर की थी ये भविष्यवाणी

देश की राजनीति पर अय्यर ने कहा कि गैर-हिंदुत्व दलों को एकजुट होना चाहिए. उन्होंने INDIA ब्लॉक का जिक्र करते हुए कहा कि अगर विपक्ष एकजुट रहता तो 2024 के चुनाव में उसे बहुमत के लिए जरूरी आठ सीटें आसानी से मिल सकती थीं. उन्होंने कहा कि जो लोग असहमत हैं, उन्हें साथ आना होगा और तभी पाकिस्तान को लेकर नई पहल भी की जा सकती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement