लोकसभा में गुरुवार को एलपीजी संकट पर चर्चा के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश में जारी LPG की किल्लत पर बोलने के लिए समय मांगा था. लेकिन चर्चा के दौरान उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम 'एपस्टीन फाइल्ल' (Epstein) विवाद से जोड़ दिया, जिसके बाद सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया.
शाम 4 बजे जैसे ही चर्चा शुरू हुई, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ तैयार दिखे. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही अपनी सीट पर बैठ चुके थे. 4:10 बजे प्रियंका गांधी वाड्रा सदन पहुंचीं और दीपेंद्र हुड्डा के बगल में बैठीं. इसके कुछ ही देर बाद 4:16 बजे राहुल गांधी हाथ में नोट्स लिए सदन में आए.
शाम 4:21 बजे राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया. शुरुआत में उन्होंने देश में जारी एलपीजी संकट पर बात की. लेकिन 4:25 बजे उन्होंने अचानक 'एपस्टीन' शब्द का इस्तेमाल किया और हरदीप सिंह पुरी का नाम उससे जोड़ा.
'एपस्टीन' शब्द बोलते ही शुरू हुआ विवाद
राहुल गांधी के 'एपस्टीन' शब्द बोलते ही सत्ता पक्ष ने विरोध करना शुरू कर दिया. पीयूष गोयल, गजेंद्र सिंह शेखावत, किरेन रिजिजू और निशिकांत दुबे जैसे दिग्गज नेता अपनी सीटों से खड़े हो गए और विरोध करने लगे. उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि ये पूरी तरह गलत है.
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जैसे ही बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी का विरोध शुरू किया, प्रियंका गांधी सबसे पहले उनके समर्थन में खड़ी हुईं. इसके बाद के.सी. वेणुगोपाल, कार्ति चिदंबरम और दीपेंद्र हुड्डा जैसे नेता भी राहुल के सपोर्ट में खड़े हो गए.
'एपस्टीन का दोस्त आया'
सदन में एक दिलचस्प बात ये रही कि जब राहुल गांधी बोल रहे थे, तब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बेंचें लगभग खाली थीं. हालांकि, समाजवादी पार्टी के सांसद अच्छी संख्या में मौजूद थे और उन्होंने कांग्रेस का साथ दिया. सदन में 'देखो देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया' जैसे नारे भी लगे.
सदन से राहुल गांधी का वॉकआउट
हंगामे के बीच हरदीप सिंह पुरी शांत बैठे रहे. उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि वो विषय (एलपीजी) पर ही टिके रहें. 4:27 बजे जब पुरी जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो कांग्रेस सांसदों ने वेल में जाकर नारेबाजी शुरू कर दी. जब ये साफ हो गया कि राहुल गांधी को आगे बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, तो शाम 4:32 बजे वो अपने कागज उठाकर सदन से बाहर चले गए. उनके पीछे प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेता भी बाहर निकल गए.
ये पूरा घटनाक्रम करीब आधे घंटे तक चला. बीजेपी मिडिल-ईस्ट संकट और भारत में ऊर्जा सुरक्षा पर विस्तृत जवाब देने के लिए तैयार थी ताकि जनता में दहशत न फैले. वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने एलपीजी संकट को आधार बनाकर सदन के रिकॉर्ड पर 'एपस्टीन' का नाम और हरदीप पुरी से उनका कनेक्शन जोड़ने की कोशिश की.
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राहुल गांधी के जाने के बाद हरदीप पुरी ने अपना बयान पूरा किया. बीजेपी नेताओं ने विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए इसे चर्चा से भागने का तरीका बताया.