सियासत में 'यू-टर्न' तो बहुत देखे गए हैं, लेकिन अमेरिकी दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने भारत आकर जो पलटी मारी है, उसने सबको हैरान कर दिया है. कभी भारत को 'पिछड़ा' बताने वाली और भारतीयों पर नस्लीय टिप्पणी करने वाली लॉरा अब 'इंडिया फैनगर्ल' बन चुकी हैं.
हाल ही में हुए 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव' और उसके बाद 9 दिनों के भारत प्रवास ने उनके मन में बसी दशकों पुरानी गलतफहमियों को धो डाला है. ज्यादा वक्त नहीं बीता जब 2024 में लॉरा लूमर ने ट्वीट किया था कि अगर कमला हैरिस चुनाव जीतीं तो व्हाइट हाउस से 'करी' (Curry) की गंध आएगी. उन्होंने भारतीयों के आईक्यू (IQ) पर सवाल उठाए थे और एच1-बी (H1-B) वीजा धारकों को 'तीसरी दुनिया के आक्रमणकारी' तक कह डाला था.
इंटरनेट पर उनके वो पुराने स्क्रीनशॉट आज भी मौजूद हैं जिनमें उन्होंने भारत की स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का भद्दा मजाक उड़ाया था. भारत में करीब नौ दिन बिताने के बाद लूमर ने कहा कि यहां के लोग बेहद विनम्र और मेहमाननवाज़ हैं.
उन्होंने भारतीय संस्कृति, खानपान और आतिथ्य की जमकर सराहना की और कहा कि उन्हें पूरे समय सुरक्षित और सहज महसूस हुआ. उन्होंने यह भी माना कि भारत को लेकर उनकी कई धारणाएं गलत थीं, जो इस यात्रा के बाद बदल गईं.
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9 दिनों का 'जादू' और बदलता नजरिया
भारत दौरे के दौरान लॉरा ने धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात की और हाथी अभयारण्य का भ्रमण किया. उन्होंने खुले दिल से स्वीकार किया, "सच कहूं तो, भारत अब तक का सबसे बेहतरीन देश है जहां मैंने यात्रा की है. यह अविश्वसनीय है... भारतीय लोग सबसे अच्छे लोग हैं जिनसे मैं कभी मिली हूं. मुझे भारत से प्यार हो गया है. मेरी गलतफहमियां दूर हो गई हैं."
उनका मानना है कि पश्चिमी मीडिया में भारत के खिलाफ जो प्रोपेगेंडा चलाया जाता है, वह पूरी तरह बकवास है. उन्होंने भविष्य में हर साल भारत आने की इच्छा भी जताई.
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इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में मांगी थी माफी
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दौरान जब उन्हें उनके पुराने ट्वीट याद दिलाए, तो लॉरा ने विनम्रता से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. हालांकि, उन्होंने एच1-बी वीजा और अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति पर अपना स्टैंड कायम रखा, लेकिन भारत के प्रति उनकी नफरत अब प्रशंसा में बदल चुकी है. वे अब हर साल भारत आने की योजना बना रही हैं और अगली बार दक्षिण भारत की यात्रा पर जाने को उत्सुक हैं.