लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरा सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले वक्ता थे. किरेन रिजिजू ने विपक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने लगे हाथ प्रियंका गांधी की तारीफ भी कर दी. जवाब में प्रियंका गांधी ने रिजिजू को जवाब देते हुए कहा कि एक ही नेता है, जो पिछले 12 साल में इनके आगे नहीं झुका.
दरअसल, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि कोई भी संवैधानिक संस्था हो, उस पर आपने अटैक किया है. मैं सोच रहा था कि 2014 के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर अटैक का सिलसिला जो शुरू हुआ, स्पीकर का पद अब तक क्यों बचाकर रखा है. उन्होंने कहा कि अब पता चला कि भारत में लोकतंत्र पर हमला करना है, तो स्पीकर की कुर्सी पर हमला करो. रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता जब भाषण दे रहे थे, उस पर स्पीकर ने रूलिंग दी.
उन्होंने कहा कि स्पीकर का डिसीजन फाइनल होता है. आप असहमत हो सकते हैं, हम लड़ते रहते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं होते. किरेन रिजिजू ने कहा कि स्पीकर रूलिंग दे चुके हैं, तब भी बोल रहे कि मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है. हमने भी कहा कि स्पीकर की रूलिंग फाइनल है. फिर भी उठ-उठकर इन लोगों ने विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिए जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 15वीं लोकसभा में इनके नेता प्रतिपक्ष सदस्य थे और कुल मिलाकर दो बार बोले. सेशन चलता है, तब ही विदेश चले जाते हैं.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नियम कहता है कि कोई सदस्य भाषण करता है, तो उसे अगले वक्ता को सुनना होता है. इनका नेता विपक्ष अपनी बात बोलकर चला जाता हैं. किसी की सुनते नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यहां प्रधानमंत्री बैठे हैं, वह दौड़कर गले लगाने आते हैं. अपने एमपी को देखकर आंख मारते हैं. ऐसा नेता प्रतिपक्ष हमने पहली बार देखा है. रिजिजू ने कहा कि जैसा लीडर है, बाकी वैसा ही होगा. सभापति को यार बोलते हैं, चेयर को यार कहने पर क्या होता है, बोल सकता है. चेयरमैन राज्यसभा को बोलता है कलीग. ये कस्टोडियन ऑफ हाउस हैं. ये ठीक नहीं है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष में भी अच्छे लोग हैं, नेता प्रतिपक्ष उनको ही बनाया. इसमें मैं क्या कर सकता हूं. प्रियंका वाड्रा गांधी पीछे बैठकर मुस्करा रही हैं. इनको भी नेता प्रतिपक्ष बनाते तो परफॉर्मेंस अच्छा होता. रिजिजू ने कहा कि ये कम से कम सुनती तो हैं. कोई अच्छा व्यवहार करे, तो सराहना करना मेरा दायित्व है. इस पर प्रियंका गांधी अपनी सीट पर खड़ी हो गईं और कहा कि मेरा नाम लिया गया है, मुझे बोलने दिया जाए. इस पर पीठासीन ने कहा कि आपको मौका दिया जाएगा.
किरेन रिजिजू ने कहा कि हमने तो प्रियंका गांधी की तारीफ की है. कांग्रेस वालों को ये क्या हो गया है. तारीफ करना भी अच्छा नहीं लगता. उन्होंने आगे कहा कि स्पीकर यहां हमारा मां-बाप होता है. कोई बच्चा रूल तोड़ता है, स्पीकर ही सिखाएगा न. इन्होंने सोचा कि चुनाव जीत नहीं सकते, जनता का भरोसा नहीं जीत सकते, तब लोकतंत्र-प्रक्रिया को ही चोट करने की सोची. अमेरिका में, जर्मनी में जाकर बोलते हैं कि हमारा लोकतंत्र खतरे में है. किरेन रिजिजू ने आपके नेता प्रतिपक्ष ने आर्मी के जवानों को जाकर बोलता है कि तुम्हारा सारा अधिकार तो अफसर ले जाते हैं, तुमको क्या मिलता है. ये कितनी खतरनाक बात है.
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उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सेना में फूट डालने के लिए इस तरह की बात करते हैं. 2017 में जब डोकलाम में टेंशन बना हुआ था, उस समय नेता प्रतिपक्ष चीनी दूतावास में जाकर मीटिंग करते हैं. बाद में कहा कि हम तो जानकारी प्राप्त करने के लिए गए थे. रिजिजू ने कहा कि साल 2013 में यूपीए सरकार के समय इनके रक्षा मंत्री ने इसी सदन में खड़े होकर कहा कि रास्ता बनाएंगे तो चीनी सेना आ जाएगी. पी चिदंबरम ने मुंबई अटैक के इतने साल बाद कहा कि अमेरिका ने कहा कि बदला नहीं लेना है. हम लोग डर के चुपचाप बैठ गए. उन्होंने कहा कि ये लोग बच नहीं सकते. इनके नेता ने कहा कि हम इंडियन स्टेट के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. ऐसा नेता प्रतिपक्ष की कभी कल्पना नहीं की, जो देश के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात करता है.
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रिजिजू ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सोच उतनी पवित्र है, जितना कमल का फूल पवित्र है. नरेंद्र मोदी को कोई कमजोर नहीं बना सकता. जनता आपको कमजोर बना देगी. उन्होंने अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के लिए लिखी एक शायरी पढ़कर अपना भाषण पूरा किया. इसके बाद प्रियंका गांधी खड़ी हुईं. पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि प्रियंका जी, संसदीय कार्य मंत्री ने आपकी तारीफ की है. इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि तारीफ करते करते यह भी कह दिया कि इनकी बातों पर मैं हंस रही थी.
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प्रियंका गांधी ने कहा कि बताना चाहती हूं कि ये हंसी मुझे क्यों आई. ये हंसी मुझे इसलिए आई, क्योंकि जिन नेहरू जी की आलोचना दिन रात करते थे, उनकी तारीफ करने लगे और यह कह दिया कि नेहरू जी ने लोकतंत्र को मजबूत किया. उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति है 12 साल में, जो इनके सामने झुके नहीं है, वह हैं नेता प्रतिपक्ष. वह सदन में खड़े होकर सच बोल देते हैं. वह सच्चाई इनसे पचती नहीं है.