कर्नाटक में दूध की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी होने जा रही है. राज्य सरकार दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है. इस प्रस्ताव को मंगलवार दोपहर तक होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में दूध की नई कीमतों को लेकर औपचारिक घोषणा की जा सकती है. प्रस्ताव के मुताबिक दूध की कीमतों में न्यूनतम 8 रुपये और अधिकतम 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की जाएगी.
फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाना है. मंजूरी मिलने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बढ़ी हुई कीमतें कब से लागू होंगी और दूध की अलग-अलग श्रेणियों की नई कीमतें क्या होंगी.
बता दें कि, कर्नाटक की सहकारी दुग्ध उत्पादक यूनियनों ने राज्य सरकार से नंदिनी दूध की खरीद और खुदरा कीमतों में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की मांग की थी. मंगलवार को दुग्ध उत्पादक यूनियनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधान सौध में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की और उनके सामने अपनी मांग रखी थी.
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अधिकारियों को पिछले 10 वर्षों में पशु आहार की कीमतों में हुई बढ़ोतरी, एक लीटर दूध के उत्पादन की लागत, प्रत्येक जिले में दूध के उत्पादन और बिक्री के साथ यूनियनों की ओर से खरीदे जाने वाले दूध की मात्रा का विस्तृत डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, शिवकुमार ने पड़ोसी राज्यों में दूध की खरीद और खुदरा कीमतों की जानकारी भी मांगी है.
दूध उत्पादन की लागत बढ़ने का दावा
प्रतिनिधिमंडल की ओर से बेंगलुरु शहरी, ग्रामीण और रामनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के चेयरमैन डीके सुरेश ने कहा कि पशु आहार, चारा, दवाइयों और रखरखाव पर खर्च बढ़ने से डेयरी फार्मिंग की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सूखे के कारण फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आमदनी में बड़ी गिरावट आई है. वहीं, चारे की उपलब्धता कम होने के कारण डेयरी किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं.
सुरेश ने कहा कि कई राज्यों में सहकारी संस्थाएं और निजी डेयरियां लगातार दूध और दुग्ध उत्पादों की कीमतें बढ़ाती रही हैं, जबकि कर्नाटक की यूनियनों ने उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए पिछले डेढ़ साल से दूध की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं.
कर्नाटक में किसानों को मिल रहे 35 रुपये प्रति लीटर
डीके सुरेश के मुताबिक, कर्नाटक की दुग्ध यूनियनें फिलहाल उत्पादकों से टोन्ड दूध 35 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही हैं. इसके मुकाबले आंध्र प्रदेश में 41.50 रुपये, केरल में 41.80 रुपये, महाराष्ट्र में 41 रुपये और तमिलनाडु में 42.24 रुपये प्रति लीटर की दर बताई गई है. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में दूध की अधिकतम खुदरा कीमत पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम से कम 12 रुपये प्रति लीटर कम है.