भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद जगदंबिका पाल और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी के बीच बुधवार को लोकसभा में नोक-झोंक देखने को मिली. बजट पर चर्चा के दौरान जब कल्याण बनर्जी बोल रहे थे, आसन से जगदंबिका पाल कार्यवाही का संचालन कर रहे थे.
कल्याण बनर्जी ने पीठासीन जगदंबिका पाल से हंसी-ठिठोली में कहा कि सर बाहर तो आप मुझे डार्लिंग बोलते हैं, और यहां समय भी नहीं देते. दरअसल, हुआ ये कि बजट पर बोलते-बोलते कल्याण बनर्जी ने नाम लिए बिना पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र कर दिया.
उन्होंने कहा कि यह किताब कब छपेगी, छपेगी या नहीं छपेगी. ये कुछ सवाल हैं. टीएमसी सांसद ने कहा कि पुस्तक जब जनता के बीच आएगी, तब जनता इसकी आलोचना कर सकती है. पाठक कमेंट कर सकते हैं. इस पर पीठासीन जगदंबिका पाल ने उन्हें टोका. पीठासीन ने कल्याण बनर्जी से अपनी बात कॉन्क्लूड करने के लिए कहा.
इस पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि सर आप बाहर मुझे डार्लिंग बुलाते हैं और यहां समय नहीं देते. समय तो दीजिए डार्लिंग को. इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे. कल्याण बनर्जी ने अपनी बात जारी रखी और कहा कि इस देश को आज चार लोग कंट्रोल कर रहे हैं. दो आदमी देश की संपत्ति बेच देते हैं और दो खरीद लेते हैं. चारों आदमी गुजरात से आते हैं.
इससे पहले, कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया और दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से केंद्र को कई पत्र लिखे गए. उन्होंने पत्रों की फाइल भी सदन में दिखाई और कहा कि इनमें से एक भी पत्र का जवाब देने की जरूरत प्रधानमंत्री ने नहीं समझी. ना ही एक भी फंड ही रिलीज किया गया. केंद्र ने मनरेगा समेत केंद्रीय योजनाओं के फंड रोक रखे हैं.
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दानकुनी से गुजरात तक फ्रेट कॉरिडोर के ऐलान पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी ने रेल मंत्री रहते 2009 में ही इसकी घोषणा की थी. इस बार बजट में उसी का ऐलान इन्होंने फिर से कर दिया. उन्होंने कहा कि हमने सिलीगुड़ी कॉरिडोर का काम शुरू किया है और उसकी घोषणा भी इन्होंने बजट में कर दिया. कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि इस सरकार ने अब तक के बजट में एक भी नई घोषणा नहीं की है.
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उन्होंने एसआईआर का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में 127 मौतें हुईं. हम सुप्रीम कोर्ट गए. हर रोज कोर्ट ने निर्देश दिए और एक सिंगल वोटर का नाम डिलीट नहीं हो सका. कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि बजट में की गई किसी भी घोषणा का सीधा लाभ पश्चिम बंगाल को नहीं मिलने वाला है. यह बजट एंटी फेडरल बजट है. इसमें महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कुछ नहीं है.