जोधपुर AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर के आत्महत्या का मामला सामने आया है. डॉक्टर की पहचान अलवर निवासी राज नरेश यादव के रूप में हुई है. इन्होंने इंजेक्शन लगाकर सुसाइड किया.
OT ड्यूटी पर था रेजिडेंट डॉक्टर
AIIMS ने आत्महत्या की जानकारी मिलने पर फौरन पुलिस को सूचना दी गई. बासनी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचित किया. बासनी थानाधिकारी नितीन दवे ने बताया कि AIIMS के ऐनेस्थिसिया विभाग में प्रथम वर्ष के रेजिडेंट अलवर निवासी 31 वर्षीय डॉ राज नरेश यादव मंगलवार को ओटी ड्यूटी पर था.
दोपहर में ड्यूटी के दौरान ही वह OT से बाहर निकला. जब लगभग डेढ़ दो घंटे तक वह वापस नहीं लौटा तो साथी रेजिडेंट डॉक्टरों को चिंता हुई. उन्होंने उसे फोन लगाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
ब्रेक रूम का दरवाजा तोड़ा
राज नरेश की तलाश में साथी डॉक्टर ओटी कॉम्पलेक्स के ब्रेक रूम में गए. यहां रूम का बाथरूम बंद था. काफी देर तक खटखटाने के बाद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो डॉक्टरों ने दरवाजा तोड़ दिया. अंदर डॉ राजनरेश अचेत पड़ा था. डॉक्टरों ने उसे बाहर निकाल कर सीपीआर दिया, इमरजेंसी उपचार देने की कोशिश की लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी.
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खुद ही इंजेक्शन लगाकर की आत्महत्या
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि राज नरेश ने इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या की. इंजेक्शन कौनसा था, यह अब तक पता नहीं चल पाया है. पोस्टमार्टम से ही पूरी स्थिति का पता चलेगा. फिलहाल AIIMS की ओर से मामले में कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.
लंबे गैप के बाद कर रहा था PG
डॉ राज नरेश यादव ने जोधपुर एम्स से ही एमबीबीएस किया था. इसके बाद वह दिल्ली चला गया और लगभग 4-5 साल के गैप के बाद पीजी की परीक्षा दी. गत वर्ष उसे एम्स जोधपुर में ऐनेस्थिसिया विभाग में सीट मिली थी. रेजिडेंसी का प्रथम वर्ष ही था, इस दौरान किसी तरह का दबाव या परेशानी को लेकर अब तक आधिकारिक रूप से कोई बात सामने नहीं आई है.
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