झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव की वोटिंग गुरुवार को खत्म हो गई. तीन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए वोटों की गिनती शाम 5 बजे शुरू हो गई. उन्होंने बताया कि विधानसभा परिसर में बनाए गए पोलिंग स्टेशन पर सभी 81 विधायकों ने कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले.
इन दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं - बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी, जेएमएम के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा.
क्रॉस-वोटिंग के डर के बीच सुबह 9 बजे वोटिंग शुरू हुई और दोपहर करीब 3 बजे तक चली.
वोट डालने वाले 81 विधायकों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, बीजेपी के चीफ व्हिप नवीन जायसवाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर शामिल हैं.
जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने अपनी जीत का भरोसा जताया और कहा, 'INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार राज्यसभा की दोनों सीटें जीतेंगे.'
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि इंडिया ब्लॉक चुनाव जीतेगा.
सबसे पहले वोट डालने वाले जायसवाल ने कहा, 'पार्टी के 21 विधायकों और एजेएसयू पार्टी, जेडी(यू) और एलजेपी (आरवी) के एक-एक विधायक ने एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी के पक्ष में वोट डाला.'
नथवानी ने अपनी जीत का भरोसा जताया.
JDU नेता सरयू राय ने कहा कि उनका वोट एनडीए समर्थित उम्मीदवार को गया. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें नथवानी की जीत का यकीन है, तो राय ने कहा, "यह मेरा विषय नहीं है. मुझे अपने वोट के बारे में पता है, जो उन्हें गया है."
आरजेडी विधायक सुरेश पासवान ने दावा किया कि इसमें कोई शक नहीं है कि इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे.
कांग्रेस मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल है और वे राज्यसभा की दोनों सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त हैं.
बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 24 विधायक हैं, जो संसद के उच्च सदन में सीट पक्की करने के लिए 81 सदस्यों वाली विधानसभा में जरूरी न्यूनतम 28 फर्स्ट-प्रेफरेंस वोटों से चार कम हैं.
राज्य में सत्ताधारी इंडिया ब्लॉक, जिसमें जेएमएम और कांग्रेस शामिल हैं, के पास सदन में 56 सदस्य हैं.
जेएमएम के बैद्यनाथ राम की आसानी से जीत की उम्मीद है, क्योंकि राज्य विधानसभा में पार्टी के 34 सदस्य हैं.
इंडिया ब्लॉक के अन्य सहयोगियों में कांग्रेस के पास 16 विधायक, आरजेडी के पास 4 विधायक और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के पास दो विधायक हैं.
सभी की निगाहें दूसरी सीट पर टिकी हैं, जिस पर कांग्रेस के झा और एनडीए समर्थित नथवानी के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है.
एनडीए के 24 विधायकों में बीजेपी के 21 और एलजेपी (रामविलास), एजेएसयू पार्टी और जेडी(यू) का एक-एक विधायक शामिल है. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का एक विधायक है.
वोटिंग से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने ही अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी.
मंगलवार को NDA के विधायकों को रांची के एक होटल में ले जाया गया, जबकि सत्ताधारी INDIA गठबंधन क्रॉस-वोटिंग की संभावना को रोकने के लिए अपने विधायकों के साथ बैठकें करने में व्यस्त था.
INDIA गठबंधन के विधायकों (जिनमें कांग्रेस के विधायक भी शामिल थे) ने मंगलवार रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर हुई बैठक के दौरान एक मॉक पोल में हिस्सा लिया, ताकि नए विधायकों को इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा सके.
झारखंड का नंबरगेम
आपको बता दें कि झारखंड में कुल 81 सदस्यीय विधानसभा है, जिसमें सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का भारी बहुमत है. सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अपने 34 विधायकों के दम पर जीत के लिए जरूरी 28 मतों के आंकड़े से 6 मत अधिक होने के कारण अपनी एक सीट को लेकर पर पूरी तरह से आश्वस्त है.
वहीं, कांग्रेस के पास झारखंड में 16 विधायक हैं. कांग्रेस को राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए अतिरिक्त 12 मतों का जुगाड़ करना होगा, जिसके लिए उसे जेएमएम के बचे हुए अतिरिक्त वोटों और गठबंधन के अन्य विधायकों से पूरी उम्मीद हैं.
इसके अलावा, विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास कुल 24 विधायक मौजूद हैं, जिससे उसके उम्मीदवार को जीत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल 4 और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी.