जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी विदेशी खुफिया एजेंटों और आतंकी संगठनों से जुड़े हैंडलर्स के साथ शेयर करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को अरेस्ट किया है. जम्मू पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर आरएस पुरा इलाके में यह कार्रवाई की है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन चैनलों के जरिए तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचा रहे थे. इनमें पाकिस्तान स्थित संगठनों से जुड़े हैंडलर्स भी शामिल बताए जा रहे हैं.
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कुमार पुत्र बिहारी लाल के रूप में की है जो कि अखनूर के मथवार का रहने वाला है. वहीं दूसरा आरोपी गौरव शर्मा पुत्र ज्योति प्रकाश और आरएस पुरा के मोखे का निवासी है.
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
जम्मू पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरएस पुरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 189/2026 दर्ज की है. आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act), 1923 की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) भी लगाई गई हैं.
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विदेशी खुफिया एजेंटों से संपर्क का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों आरोपी देश की सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा साझा कर रहे थे.
आरोप है कि इसके लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था. इनके जरिए विदेशी खुफिया एजेंटों और आतंकी संगठनों से जुड़े हैंडलर्स तक सूचनाएं पहुंचाई जा रही थीं. इनमें पाकिस्तान स्थित संस्थाओं से जुड़े लोग भी शामिल बताए गए हैं.
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
जम्मू पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है. जांच का उद्देश्य आरोपियों की कथित गतिविधियों के पूरे दायरे का पता लगाना और इससे देश की सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन करना है. इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है.