
मानसून के मौसम में प्रदेश को अधिक हरा-भरा बनाने और 'हरियालो राजस्थान' अभियान को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार की सरकारी नर्सरियों में बेहद रियायती दरों पर पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं. यहां पौधों की शुरुआती कीमत महज 5 से 6 रुपये है, जबकि अधिकांश पौधे 10 रुपये तक की कीमत में मिल रहे हैं.
पौधे की प्रजाति के अनुसार कीमतें तय की गई हैं. नर्सरियों में करीब 50 से 60 प्रकार के पौधे उपलब्ध हैं, जिनमें नीम, गुलाब, मोगरा, चंपा, छायादार पेड़, सजावटी पौधे, फूलों की प्रजातियां और औषधीय पौधे शामिल हैं. सरकार की इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना और प्रदेश में हरियाली बढ़ाना है.
सरकारी नर्सरियों में इन दिनों खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है. लोग एक-दो नहीं, बल्कि 10, 20 या उससे अधिक पौधों की एक साथ खरीदारी कर रहे हैं. कोई अपने घर और गार्डन की सुंदरता बढ़ाने के लिए पौधे ले रहा है, तो कोई कार्यालयों, संस्थानों या सामुदायिक स्थलों पर पौधारोपण के लिए खरीदारी कर रहा है. खरीदार अपनी जरूरत के अनुसार पौधों की सूची बनाकर नर्सरी पहुंच रहे हैं.

लोगों का कहना है कि जहां निजी नर्सरियों में यही पौधे 100 से 150 रुपये तक में मिलते हैं, वहीं सरकारी नर्सरियों में बेहद कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध हो रहे हैं. मानसून के दौरान पौधारोपण के लिए यह सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, इसलिए बारिश का दौर तेज होने के साथ नर्सरियों में भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है.
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए पौधों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू की है. इच्छुक खरीदार अपनी पसंद के पौधे और उनकी संख्या ऑनलाइन चुनकर भुगतान कर सकते हैं. ऑर्डर बुक होने के बाद उन्हें 15 दिनों का समय दिया जाता है, जिसके भीतर वे संबंधित सरकारी नर्सरी में जाकर रसीद दिखाकर अपने पौधे प्राप्त कर सकते हैं.

इस सुविधा से लोगों को बार-बार नर्सरी जाने की जरूरत नहीं पड़ती और अपनी सुविधा के अनुसार पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं. सरकार की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आम लोगों को बेहद कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराकर 'हरियालो राजस्थान' अभियान को भी मजबूत कर रही है.