अमेरिका और भारत ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया. इससे दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को अंतिम रूप देने की दिशा में नई गति मिली है. यह घोषणा विस्तारित बातचीत और हाल के टैरिफ तनाव के बीच आई है, जिससे दोनों पक्षों के बीच आर्थिक रिश्तों में नई गति देखने को मिल रही है.
दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.' दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी करते हुए 'X' पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Agreement) के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है. इससे भारतीय निर्यातकों- विशेषकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे. निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.'
उन्होंने आगे कहा, 'इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% करेगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वस्त्र व परिधान, चमड़ा व फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े भारतीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी. इसके अतिरिक्त, जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण (जेम्स एंड डायमंड्स) और विमान पुर्जों सहित कई वस्तुओं पर टैरिफ शून्य किए जाएंगे, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मेक इन इंडिया को और मजबूती मिलेगी.'
Under the decisive leadership of PM @NarendraModi ji, India has reached a framework for an Interim Agreement with the US. This will open a $30 trillion market for Indian exporters, especially MSMEs, farmers and fishermen. The increase in exports will create lakhs of new job… pic.twitter.com/xYSjxML6kt
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
भारतीय किसानों के हितों की हुई पूरी सुरक्षा
पीयूष गोयल ने कहा, 'यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है. यह समझौता भारत और अमेरिका को अपने आर्थिक सहयोग को और गहराई देने के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ने में मदद करेगा, जो हमारे नागरिकों और व्यवसायों के लिए सतत विकास को प्रतिबिंबित करता है.'
ट्रंप ने भारत से 25% दंडात्मक टैरिफ हटाया
इस अंतरिम समझौते से पहले इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली ने एक समझौता किया है. इसके तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर देगा. ट्रंप ने दावा किया था कि बदले में भारत रूसी तेल की खरीद रोक देगा और अपने व्यापारिक अवरोधों को कम करेगा. उन्होंने कहा कि भारत अब अमेरिका से तेल खरीदना शुरू करेगा और संभवतः वेनेजुएला से भी. ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाया गया 25% का दंडात्मक टैरिफ पूरी तरह हटा दिया गया. भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि दोनों पक्ष मार्च तक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रख रहे हैं, जिसके बाद भारत अमेरिका से आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ कम करेगा.
दोनों एकदूसरे से क्या खरीदेंगे और क्या बेचेंगे?
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फ्रेमवर्क के तहत भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को या तो हटाएगा या कम करेगा, जिसमें मेवे, फल, सोया तेल, शराब एवं अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं. अमेरिका भी वस्त्र, परिधान, रसायन और मशीनरी जैसी भारतीय वस्तुओं पर 25% की जगह 18% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा. इसके अलावा, अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों के तहत भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगे टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है, जबकि भारत को ऑटो पार्ट्स पर प्रायोरिटी टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा.
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नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर होगी बातचीत
दोनों पक्ष अब जनरल फार्मास्यूटिकल्स, नॉन-टैरिफ बैरियर्स जैसे मुद्दों पर आगे बातचीत करेंगे. भारत ने कहा कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातु, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है. दोनों पक्ष डेटा सेंटर्स में उपयोग होने वाले कम्पोनेंट सहित टेक्नोलॉजी गुड्स में व्यापार को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं. भारत और अमेरिका ने इस प्रारंभिक समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है और कहा है कि इसके पूरा होने के बाद द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी.