मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए तेज बारिश, आंधी, तूफान का अनुमान जताया है. 18 से 22 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद में और 18 से 23 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेज बारिश हो सकती है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 21-22 अगस्त को तेज बारिश हो सकती है.
पंजाब में 18 अगस्त, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 21-22 अगस्त, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21-22 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 18 से 20 अगस्त, हिमाचल प्रदेश में 19-21 अगस्त, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-21 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
मध्य भारत की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17-21 अगस्त, पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-23 अगस्त, विदर्भ में 21-23 अगस्त, छत्तीसगढ़ में 18-23 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है.
वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-23 अगस्त; विदर्भ में 19-20 अगस्त; और छत्तीसगढ़ में 20-21 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.
भारी बारिश को देखते हुए मंगलवार को प्रयागराज, भदोही और कौशांबी में कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है.
18 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. 19 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं.
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20 अगस्त के लिए दिए गए पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोई मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है. यानी 17 अगस्त को बारिश का असर काफी व्यापक रहने के बाद 18 अगस्त से धीरे-धीरे इसमें कमी आने की संभावना है. हालांकि पूर्वी यूपी में 19 अगस्त तक भारी बारिश का दौर बना रह सकता है.
तेज हवाओं और समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को तट से दूर रहने की सलाह दी है. यह चेतावनी अरब सागर में सोमालिया, ओमान और गुजरात तट के आसपास और उनसे दूर के समुद्री क्षेत्रों के लिए जारी की गई है. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बांग्लादेश और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के आसपास भी खराब समुद्री परिस्थितियों की आशंका है. प्रभावित क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियों पर प्रतिबंध 19-20 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण संवेदनशील इलाकों में स्थानीय स्तर पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. छोटे पेड़ उखड़ने, बागवानी फसलों और कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंचने के साथ कुछ इलाकों में भूस्खलन या कीचड़ धंसने की घटनाएं हो सकती हैं. निचले शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है.