scorecardresearch
 

'होर्मुज सुरक्षित पार कर लिया'... पत्नी को आखिरी मैसेज, फिर हमले में मारा गया भारतीय इंजीनियर

वेस्ट एशिया में जारी तनाव का असर अब समुद्री व्यापार और वहां काम करने वाले लोगों पर भी दिखाई देने लगा है. ओमान तट के पास एक कारोबारी जहाज पर हुए हमले ने एक भारतीय परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. अब परिजन पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं.

Advertisement
X
ओमान तट पर जहाज पर हमला, पुणे के मरीन इंजीनियर की मौत, परिवार को शव का इंतजार. (File Photo)
ओमान तट पर जहाज पर हमला, पुणे के मरीन इंजीनियर की मौत, परिवार को शव का इंतजार. (File Photo)

ईरान और अमेरिका में चल रही जंग के बीच ओमान के तट पर साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में पुणे के 30 वर्षीय मरीन इंजीनियर हेरम्भ करमरकर की मौत हो गई. अब उनका परिवार पार्थिव शरीर के भारत लौटने का इंतजार कर रहा है. हमले से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने अपनी पत्नी को मैसेज कर बताया था कि जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है.

परिवार के मुताबिक, कंटेनर जहाज GFS गैलेक्सी पर रविवार सुबह उस समय हमला हुआ, जब वह ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज से गुजर रहा था. यह दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है और हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का प्रमुख केंद्र भी बना हुआ है. परिवार ने बताया कि हेरम्भ करमरकर इसी जहाज पर तैनात थे. 

हमले में उनकी मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर ओमान नेवी को सौंप दिया गया है. हेरम्भ के ससुर विवेक टंडन ने बुधवार को बताया, "हम उनके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं, जो फिलहाल ओमान नेवी के पास है. वो पिछले पांच महीनों से जहाज पर तैनात थे. बहुत जल्द ही साइन ऑफ करने वाले थे. उन्होंने हमले से पहले सुबह 2.49 बजे अपनी पत्नी को मैसेज किया था."

Advertisement

उन्होंने बताया कि उस मैसेज में उन्होंने लिखा था कि उनका जहाज होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुका है. परिवार को उम्मीद थी कि अब उनकी वापसी जल्द होगी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हमले की खबर आ गई. हेरम्भ करमरकर अपने पीछे पत्नी, मां और छोटी बहन को छोड़ गए हैं. उन्होंने ब्रिटेन के सिटी ऑफ ग्लासगो कॉलेज से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. 

इसके बाद उन्होंने मर्चेंट नेवी जॉइन की और समुद्री क्षेत्र में अपना करियर बनाया. परिवार ने फिलहाल इस घटना पर अधिक जानकारी देने से इनकार किया है. परिजन अब सिर्फ इस इंतजार में हैं कि हेरम्भ करमरकर का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत पहुंचे, ताकि पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सके.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement