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चढ़ावे की रकम से खरीदी गई जमीनों का अब खुलेगा राज, आरोपी के घर से मिला जरूरी कागजातों का बैग

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने रमाशंकर मिश्र के किराए के मकान से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं. पुलिस ने मकान को सील कर सीसीटीवी डीवीआर भी कब्जे में लिया है.

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राम मंदिर चढावा चोरी मामले में जांच जारी है (Photo-ITG)
राम मंदिर चढावा चोरी मामले में जांच जारी है (Photo-ITG)

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है. बुधवार को पुलिस ने इस मामले के आरोपी रमाशंकर मिश्र को पुलिस रिमांड के दौरान उनके किराए के मकान पर ले जाकर तलाशी कराई. इस दौरान मकान में रखे एक बैग से जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए. पुलिस ने मकान के कमरे को सील कर दिया है और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने कब्जे में ले लिया है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद दस्तावेजों का इस पूरे गबन मामले से कोई संबंध है या नहीं.

सुभाष श्रीवास्तव के ठिकानों पर भी ली तलाशी

सूत्रों के अनुसार, पुलिस की एक टीम ने रमाशंकर मिश्र और दूसरे आरोपी सुभाष श्रीवास्तव से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया. पुलिस रिमांड पर चल रहे दोनों आरोपियों को साथ ले जाकर उनके बताए स्थानों की जांच की गई. रमाशंकर मिश्र के किराए के मकान से मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की रकम से जमीन खरीदी गई थी या फिर किसी अन्य निवेश में पैसा लगाया गया था.

अवैध संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच

सुभाष श्रीवास्तव के ठिकाने पर भी पुलिस ने कई दस्तावेज और अन्य सामान की जांच की है. अफसरों का कहना है कि अभी जांच जारी है और बरामद सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा. अगर जांच में अवैध संपत्ति या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिलते हैं तो उन्हें भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा. पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

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विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत ने मंगलवार को रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव को 14 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा था. इससे पहले पुलिस सह-आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से भी अलग-अलग चरणों में रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है.

सूत्रों का दावा है कि इन चारों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कथित गबन की रकम से खरीदी गई दो चार पहिया गाड़ियां, नकदी, सोना और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए थे. जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से गबन की गई रकम का एक हिस्सा ब्याज पर उधार देने और शेयर बाजार में निवेश करने में लगाया गया था.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था. इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न आरोपियों के पास से नकदी, सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और 'रामराज्य कोष' नाम का एक दानपात्र भी बरामद किया था. इनमें सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये की नकदी अविनाश शुक्ला के पास से मिली थी.

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