
एक जेनरेशन था जिसे छुट्टी के दिनों में बाहर घूमना-फिरना अच्छा लगता था. घरों में लोग छुट्टी का दिन आने का वेट करते थे ताकि वो फैमिली के साथ आउटिंग कर सके. पहले लोग वीकेंड या छुट्टी के दिन बाहर जाकर खुद को रिलैक्स फील करते थे. लेकिन जेन जी ने इस आइडिया को 'बिग नो' कह दिया है.
जेन जी के लिए छुट्टी का दिन यानी relax करने का दिन घंटो तक बस बेड पर पड़े रहना है. अपने कम्फर्ट जोन में बस फेवरेट सीरीज देखना, रील्स स्क्रॉल करना या फिर अगर कुछ भी देखने का मन नहीं तो घंटो तक बस बेड पर पड़े रहना.
इसे कहते है बेड रॉटिंग
पहली नजर में यह सिर्फ आलस जैसा लग सकता है, लेकिन Gen Z के लिए Bed Rotting कई बार एक तरह का Break Mode है.

हर वक्त Productive रहने का Pressure
आज की Generation पर हर टाइम कुछ न कुछ करने का Pressure रहता है. Job, College, Side Hustle, Fitness, Social Life और Personal Goals- हर चीज में Productive रहने की एक्सपेक्सटेशन्स की जाती है.
Social Media भी इस Pressure को बढ़ाता है. Instagram और LinkedIn पर लोगों की Perfect और Productive Life देखकर ऐसा लग सकता है कि बाकी सब आगे बढ़ रहे हैं और हमें भी हर टाइम कुछ Achieve करना चाहिए.
ऐसे में Bed पर पड़े रहना Gen Z के लिए उस Productivity Race से कुछ टाइम के लिए बाहर निकलने का तरीका बन सकता है.
जब Bed बन जाता है Safe Space
Gen Z की Life में Screen Time काफी ज्यादा है और दिन का बड़ा पार्ट Phone या Laptop के साथ निकलता है. ऐसे में बाहर जाने, लोगों से मिलने या किसी Activity में पार्ट लेने बजाय Bed पर रहना सबसे आसान और Comfortable Option लग सकता है.
कई लोगों के लिए Bed सिर्फ सोने की जगह नहीं, बल्कि उनका Personal Space भी है. यहां उन्हें किसी को Reply करने, कहीं जाने या कुछ Achieve करने की नीड फील नहीं होती.
Social Battery भी होती है Low
लगातार लोगों से बात करना, Office या College जाना, Social Media पर Active रहना और हर टाइम Available रहना Mentally Exhausting होता है. ऐसे में Bed Rotting को कुछ लोग अपनी Social Battery Recharge करने के तरीके की तरह देखते हैं. यानी कुछ घंटों के लिए दुनिया से Disconnect और सिर्फ खुद के साथ Time स्पेंड करना.
लेकिन क्या Bed Rotting हमेशा अच्छा है?
यहां Difference समझना जरूरी है. कभी-कभी पूरा दिन Bed पर आराम करना सिर्फ Rest हो सकता है. लेकिन अगर कोई लगातार जरूरी काम छोड़ रहा है, डेली लाइफ की Activities से बच रहा है या लंबे समय तक Bed से बाहर निकलने का मन नहीं करता, तो इसे सिर्फ एक हैबिट मानकर Ignore नहीं करना चाहिए.
बेड रॉटिंग कभी-कभी फॉर अ ब्रेक एक्सेप्टेबल है बट अगर ये हमारे डेली लाइफ का पार्ट बन रहा है तो ये डेफिनेटली हमारी प्रोडक्टिविटी को अफेक्ट कर रहा है.