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कृषि कानूनों के खिलाफ डटे किसान, ट्विटर पर फोगाट बहनों में चला कोल्ड वार

दिल्ली के नाकों पर प्रदर्शनकारी किसानों को लेकर इंटरनेशनल महिला रेसलर और चचेरी बहनें बबीता फोगाट और विनेश फोगाट में कोल्ड वार चल रहा है. बबीता फोगाट ने किसान आंदोलन पर कटाक्ष किया तो एसवाईएल मसले को लेकर पंजाब पर निशाना साधा. वहीं विनेश ने बिना नाम लिए लिखा कि खिलाड़ी बनाने वाले समाज पर तुच्छ भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

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रेसलर विनेश फोगाट (फाइल फोटो-PTI)
रेसलर विनेश फोगाट (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बबिता फोगाट ने प्रदर्शनकारी किसानों पर निशाना साधा
  • विनेश फोगाट बोलीं- खिलाड़ी बनाने वालों पर ऐसे न बोलें
  • SYL मुद्दे को लेकर बबिता फोगाट ने पंजाब को घेरा

दिल्ली के नाकों पर प्रदर्शनकारी किसानों को लेकर इंटरनेशनल महिला रेसलर और चचेरी बहनें बबीता फोगाट और विनेश फोगाट में ट्विटर पर कोल्ड वार चल रहा है. बबीता फोगाट ने किसान आंदोलन पर कटाक्ष किया तो एसवाईएल मसले को लेकर पंजाब पर निशाना साधा. वहीं विनेश ने बिना नाम लिए लिखा कि खिलाड़ी बनाने वाले समाज पर तुच्छ भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

बबीता फोगाट ने ट्वीट किया, 'अब लगता है किसान आंदोलन को टुकड़े-टुकड़े गैंग ने हाइजैक कर लिया है. किसान वापस लौट आएं क्योंकि पीएम मोदी कभी किसानों का हक नहीं मरने देंगे. कांग्रेसी और वामपंथी लोग किसान का भला कभी नहीं कर सकते.'

बबीता फोगाट यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने एक और ट्वीट किया और एसवाईएल का मुद्दा उठाया और पंजाब से हरियाणा के किसानों के लिए पानी छोड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि SYL हरियाणा की जीवन रेखा है. इसलिए पंजाब से अपील करती हूं कि हरियाणा के किसानों को उनके हिस्से का पानी जरूर दें. हरियाणा के किसान हितों का पंजाब को जरूर सोचना चाहिए. सतलुज का फालतू पानी कहीं भी जाये पर हरियाणा के किसान को नहीं देना ये कौन सी समझदारी है.

वहीं कई खेल अवॉर्ड से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय रेसलर विनेश फोगाट ने बबीता के ट्विट पर निशाना साधा. विनेश ने ट्वीट किया और कहा, 'एक खिलाड़ी हमेशा एक खिलाड़ी ही रहता है चाहे वो किसी भी फील्ड में चला जाए. मेरा खिलाड़ियों, विशेषकर हरियाणा के खिलाडियों से अनुरोध है. राजनीति करना अच्छी बात है, लेकिन जैसा कि आपने अपने खेल से देश, प्रदेश, समाज और अपने परिवार का नाम हमेशा ऊंचा किया है. उसी मान और सम्मान को बनाए रखें, राजनीति में भी. उन लोगों की भावनाओं को कुछ तुच्छ बातें बोलकर आहत न करें जो खेलों के मैदान में एक खिलाड़ी को बनाने में हमेशा योगदान देते हैं.'

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