देशभर में आज दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है. कोरोना महामारी के बीच मन रहे त्योहार को काफी सतर्कता से मनाया जा रहा है. दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, इंदौर समेत विभिन्न शहरों में रावण के पुतले का दहन किया गया. रामलीला मैदान में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी रही तो यूपी के रामपुर में रामलीला ग्राउंड के रावण दहन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी पहुंचे. इसके अलावा, अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की और रामलीला मैदान पर हुए रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुईं.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया. टीटी नगर में शुक्रवार शाम को रावण के पुतले का दहन किया गया. इस दौरान, राम का किरदार निभाने वाले ने धनुष से तीर निकालकर रावण का दहन किया. कई फीट ऊंचा बनाया गया रावण का पुतला कुछ ही मिनटों में धूं-धूं कर जल उठा. कर्नाटक के मैसूर में मुख्यमंत्री बसवाराज बोम्मई ने दशहरे के मौके पर आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
Delhi: Chief Minister Arvind Kejriwal participates in the #Dussehra celebrations at 'Lav Kush Ramlila'. pic.twitter.com/VSBP5nQCLK
— ANI (@ANI) October 15, 2021
रोहतक में राम और रावण ने किया एक साथ रक्तदान
रोहतक में आज दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ धूमधाम से मनाया गया. रावण दहन से पहले रोहतक पुरानी आईटीआई स्थित रामलीला ग्राउंड पर राम और रावण ने एक साथ रक्तदान कर एक अच्छा संदेश दिया और कहा की रक्तदान महादान है. रक्तदान करके ही जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है, इसलिए हर किसी को रक्तदान करना चाहिए. रामलीला में रावण बने लीलाधर ने अब तक जीवन में 25 बार रक्तदान किया है, तो वहीं, राम बने बृजेश तिवारी ने रामलीला में पहली बार रक्तदान किया.
अंबाला में 100 फीट के रावण के पुतले का हुआ दहन
अंबाला के बराड़ा में इस बार 100 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया. इससे पहले विश्व का सबसे ऊंचा रावण यहीं फूंका जाता था. जिसकी ऊंचाई 221 फीट थी, लेकिन अब जगह की कमी के चलते रावण का कद घटा दिया गया है. जैसे-जैसे बुराई बढ़ रही थी वैसे वैसे रावण का कद भी यहां बढ़ाया जाता रहा. इसके चलते रामलीला क्लब द्वारा बनाए जाने वाले रावण को विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले के तौर पर देखा जाता था. हालांकि, पिछले तीन वर्षों से मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा रहा था. उसके पीछे ग्राउंड में जगह की कमी होना बताया गया, लेकिन इस साल 100 फीट का रावण का पुतला दहन किया गया. पहले इसकी लंबाई कहीं अधिक होती थी. इसके अलावा, पंजाब के लुधियाना में भी रावण के पुतले का दहन किया गया.
Punjab: 'Ravan Dahan' being performed at Civil Lines in Ludhiana, on #Dussehra pic.twitter.com/wDmmzcY2oV
— ANI (@ANI) October 15, 2021
बुराई पर अच्छाई की जीत, राजस्थान में हुआ रावण के पुतले का दहन
वहीं, बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार दशहरा शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया. राजस्थान में फतेहपुर शेखावटी के देवड़ा चौक मे रावण दहन कार्यक्रम का अयोजन हुआ. कार्यक्रम का आयोजन करने वाले अनूप बियाला कहा कि दशहरे से हमें प्रेरणा मिलती है कि ताकत चाहे कितनी ही बड़ी क्यों हो यदि बुराई के साथ है, तो अंत में उसकी हार होनी निश्चित है.
एमपी के श्योपुर और इंदौर में भी रावण के पुतले का हुआ दहन
असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर देशभर के कई हिस्सों के साथ ही मध्यप्रदेश के श्योपुर में भी रावण के पुतले का दहन किया गया. कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए बार विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया. विजयादशमी पर्व के अवसर पर मुख्य समारोह का आयोजन शहर के मेला मैदान में हुआ. इस वर्ष कोरोना गाइडलाइन के चलते प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए आयोजन समिति ने शहर के प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर से विधिवत रूप से भगवान श्रीराम की सवारी ने रावण के 35 फीट पुतले का दहन किया.
इससे पहले स्थानीय रामलीला समिति के पात्रों द्वारा राम- रावण युद्व का जीवंत प्रदर्शन कर पुरानी परंपरा का निर्वहन भी किया. रावण दहन कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कडे बंदोबस्त किए गए थे. इसके अलावा, एमपी के इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन किया गया. 50 साल से भी ज्यादा समय से इंदौर के दशहरा मैदान पर दशहरा महोत्सव समिति द्वारा पारंपरिक तरीके से रावण दहन किया गया, जिसमे राम कथा के साथ ही पारंपरिक रथ यात्रा निकाली गई. जिसके बाद ठीक 7.30 बजे लंका दहन के साथ ही 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया.
(दिल्ली से संजय शर्मा, श्योपुर से खेनराह दुबे, इंदौर से धर्मेंद्र शर्मा, रोहतक से सुरेंद्र सिंह के इनपुट सहित)