scorecardresearch
 

त्योहारों से पहले घरेलू उड़ानों का किराया 100% तक बढ़ा, सरकार से दखल की मांग

त्योहारी सीजन शुरू होते ही घरेलू उड़ानों के किराए में 50% से 100% तक बढ़ोतरी का दावा किया गया है. CTI ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर विमान किराए की समीक्षा और यात्रियों को राहत देने की मांग की है.

Advertisement
X
त्योहारी सीजन में हवाई सफर हुआ महंगा.(Representative image)
त्योहारी सीजन में हवाई सफर हुआ महंगा.(Representative image)

त्योहारी सीजन शुरू होते ही हवाई यात्रियों पर महंगाई की मार पड़ने लगी है. दिल्ली और देशभर के व्यापारियों एवं उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दावा किया है कि पिछले कुछ दिनों में घरेलू उड़ानों के किराए में 50% से 100% तक की बढ़ोतरी हुई है. CTI ने इस मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर विमान कंपनियों के किराए की समीक्षा करने और यात्रियों को राहत देने की मांग की है.

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, कुछ दिन पहले जिन रूट्स पर टिकट अपेक्षाकृत कम कीमत में उपलब्ध थे, उन्हीं उड़ानों के किराए अब कई गुना बढ़ गए हैं. उनका कहना है कि त्योहारी सीजन में जब लोगों की आवाजाही बढ़ती है, ऐसे समय में किराए में इतनी बड़ी वृद्धि मध्यम वर्ग और उच्च-मध्यम वर्ग के परिवारों के यात्रा बजट पर सीधा असर डाल रही है.

CTI का कहना है कि जिन टिकटों की कीमत कुछ समय पहले करीब ₹5,000 थी, उनकी कीमत अब कई रूट्स पर ₹10,000 से ₹15,000 तक पहुंच गई है. संगठन के मुताबिक, गणपति महोत्सव के साथ देश में त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है, जो आगे दिवाली और छठ पूजा तक जारी रहेगा. इस दौरान हवाई यात्रा की मांग बढ़ने की संभावना के बीच किराए में हुई बढ़ोतरी ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है.

Advertisement

दिल्ली से प्रमुख शहरों का किराया बढ़ने का दावा

CTI के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई रूट पर पहले आने-जाने का किराया करीब ₹10,000 था, जो अब ₹18,000 से ₹25,000 तक पहुंच गया है. दिल्ली-अहमदाबाद रूट पर पहले ₹10,000–₹12,000 के आसपास किराया था, जो अब ₹18,000–₹20,000 तक पहुंच गया है. दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर पहले ₹12,000–₹15,000 किराया था, जो अब ₹30,000–₹35,000 तक पहुंचने का दावा किया गया है. वहीं, दिल्ली-कोलकाता रूट पर पहले करीब ₹11,000 किराया था, जो अब लगभग ₹20,000 तक पहुंचने का दावा है.

CTI ने कहा है कि ये किराए समय, उपलब्ध सीटों और बुकिंग की तारीख के अनुसार बदल सकते हैं, लेकिन संगठन के मुताबिक हाल के दिनों में किराए में अचानक हुई वृद्धि यात्रियों के लिए बड़ी चिंता का विषय है.

शिशु टिकट शुल्क में भी बढ़ोतरी का दावा

CTI ने इंडिगो की छोटे बच्चों की यात्रा फीस में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया है. संगठन के मुताबिक, 3 दिन से 2 वर्ष तक के शिशुओं का शुल्क ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 किया गया है. CTI का सवाल है कि जब शिशु के लिए अलग सीट उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो शुल्क में इस तरह की बढ़ोतरी से यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा.

सीटें घटाकर किराया बढ़ाने का आरोप

Advertisement

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने एविएशन डेटा एजेंसी OAG के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि सितंबर में घरेलू विमानन क्षमता में 5.6% की कमी आई है. उनके अनुसार, इंडिगो ने करीब 4.5% और एयर इंडिया ने करीब 8.8% सीटें कम की हैं. CTI का दावा है कि इन दोनों एयरलाइन कंपनियों की घरेलू विमानन बाजार में बड़ी हिस्सेदारी है. संगठन का आरोप है कि त्योहारी सीजन में उपलब्ध सीटों में कमी और बढ़ती मांग के कारण हवाई किराए में तेज बढ़ोतरी हो रही है.

CTI की सरकार से मांग

CTI ने केंद्र सरकार से मांग की है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए विमान किराए की स्थिति की तत्काल समीक्षा की जाए और यात्रियों को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं. संगठन ने विमान कंपनियों द्वारा किराया बढ़ाने के तरीके और उपलब्ध सीटों की स्थिति की भी जांच की मांग की है. CTI का कहना है कि अगर त्योहारी सीजन में इसी तरह किराए बढ़ते रहे तो देश के मध्यम वर्ग, व्यापारियों, छात्रों और परिवारों के लिए हवाई यात्रा करना काफी महंगा हो जाएगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement