देश के सबसे बड़े अस्पताल में चार साल के बच्चे के गले में फंसी हुई सीटी को ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने निकाल दिया, जिसके बाद अब बच्चा सुरक्षित है. हरियाणा के नूह में रहने वाले इस बच्चे की जान पर आफत उस वक्त बन आई, जब उसने खेल के दौरान गले में सीटी निगल ली, जिसके बाद उसके गले में सीटी फंस गई और जब बच्चा जोर से सांस लेता तो सीटी की आवाज उसके मुंह से निकलती.
बच्चे के माता-पिता उसको लेकर दिल्ली के एम्स अस्पताल पहुंचे, जहां उसका ऑपरेशन कर गले में फंसी सीटी को निकाला गया. बीते रविवार यानी 23 अप्रैल को एम्स में भर्ती कराया. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत उसके ऑपरेशन का फैसला लिया, जिसके बाद बच्चे का ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बड़ी समझदारी के साथ गले के अंदर पहले एक कैमरा डाला और उसके बाद लाइट के साथ कमेंट डाला, जिससे गले के अंदर फंसी सीटी को खींचा जा सके.
एक घंटे में हुआ पूरा ऑपरेशन
इसके साथ ही गले के अंदर बराबर बच्चे को सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं हो, उसका भी इंतजाम किया गया. एक घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद गले में फंसी सीटी को निकाल लिया गया. डॉक्टर ने बताया कि 2 से 5 साल तक के बच्चों में अधिकतर इस तरीके के गले में फंसने की चीजों की शिकायत आती है. अधिकतर बच्चे कुछ ना कुछ अपने गले में फंसा लेते हैं जिसकी वजह से बच्चों की जान भी चली जाती है.
बादाम, ब्लैड, मोती जैसी चीजों से बच्चों को बचाएं
डॉक्टर ने बताया कि मूंगफली का दाना, बादाम, ऑल पिन, ब्लैड, मोती आदि कई सारी चीजें हैं जो बच्चे अकसर मुंह में डालते हैं और वह उनकी जान के लिए आफत बन जाती हैं. वहीं इस पूरे मामले में घरवालों ने समझदारी दिखाते हुए हरियाणा से दिल्ली का सफर तय किया और वक्त रहते ही एम्स अस्पताल पहुंचे, जहां पर डॉक्टर ने बच्चे की स्थिति को देखते हुए तुरंत ही बच्चे का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. उसके बाद इस 4 साल के बच्चे की जान बचाई गई.
यह बच्चा जब अपनी बहनों के साथ खेल रहा था. तभी पैरों में पहनने वाली चप्पल की सीटी कब इसने अपने मुंह में रख ली यह किसी को पता ही नहीं चल पाया, लेकिन वक्त रहते ही घरवालों की सूझबूझ और डॉक्टरों के ऑपरेशन की वजह से इस 4 साल के बच्चे की जान बचाई जा सकी.
(रिपोर्ट- राकेश सोनी)