तमिलनाडु चुनाव के नतीजों के बाद इंडिया ब्लॉक में दरार देखने को मिली है. डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) और कांग्रेस के रिश्तों में आई खटास साफ तौर पर देखी जा सकती है. डीएमके ने लोकसभा में कांग्रेस के साथ बैठने से इनकार किया था.
अब माना जा रहा है कि लोकसभा में कांग्रेस से अलग एक सीटिंग ब्लॉक आवंटित करने की डीएमके की मांग को लगभग मंजूरी मिल गई है. डीएमके की तरफ से कन्नीमोझी ने कांग्रेस से लोकसभा ब्लॉक में सीटिंग अरेंजमेंट के लिए पत्र लिखा था.
सूत्रो के अनुसार, संसदीय मंत्रालय ने डीएमके की भावनाओं और मांग से लोकसभा अध्यक्ष को अवगत करा दिया है. सीटिंग व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव पर अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष करेंगे.
बताया जा रहा है कि डीएमके को उस तीसरे ब्लॉक में स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां फिलहाल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद बैठते हैं.
प्रस्तावित फेरबदल के तहत पहली पंक्ति की सीट संख्या 354, जो वर्तमान में अभिषेक बनर्जी को आवंटित है, डीएमके नेता टी.आर. बालू को दी जा सकती है.
वहीं, टीएमसी को उस हिस्से में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है, जहां फिलहाल डीएमके के सांसद बैठते हैं.
इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में नहीं होगी डीएमके शामिल
डीएमके ने इंडिया ब्लॉक से दूरी बनाने का फैसला किया है. डीएमके ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह 8 जून को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में भाग नहीं लेगी. कांग्रेस की भागीदारी के चलते डीएमके ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला लिया है.
क्यों है नाराजगी?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 5 सीटें मिली थीं. चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का फैसला किया, जिससे TVK की सीट संख्या 108 से बढ़कर 113 हो गई. इसके बाद अन्य दलों का समर्थन भी TVK को मिला और पार्टी बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई.
कांग्रेस के इस कदम से DMK नाराज हो गई. DMK ने कांग्रेस पर 'विश्वासघात' का आरोप लगाया और उसे 'धोखेबाज' तक करार दिया. पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट और 28 विधानसभा सीटें DMK की दया की वजह से मिली थीं.