लोकसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान एक मौका ऐसा आया, जब सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य भिड़ गए. समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रश्नकाल के दौरान रुपये की गिरती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री के पुराने बयान का जिक्र करते हुए यह सवाल किया कि आज प्रधानमंत्री और देश की साख गिर रही है या नहीं.
इसका जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था फ्रेजाइल फाइव में चली गई थी, तब हमारी तरफ से इस तरह का बयान दिया गया था. आज देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है. दरअसल, धर्मेंद्र यादव ने जब यह सवाल किया, स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आप डिबेट क्यों कर रहे हैं.
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आप कह रहे हैं तो इसे छोड़ दे रहा हूं. उन्होंने आगे कहा कि जब सवाल करने ही नहीं देना है, तो छोड़ दे रहा हूं. कोई दिक्कत नहीं है मुझे, बैठ जा रहा हूं. इस पर स्पीकर ने उनसे कहा कि आप सवाल पूछो ना. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि वित्त मंत्री जी, क्या आप आज इस बात पर कायम हैं कि प्रधानमंत्री की साख रुपये के साथ गिर रही है या नहीं. जो 60 रुपये का 94-95 रुपया हो गया है, उसका स्पष्ट जवाब चाहिए.
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए आपकी बातें कुछ होती हैं, नीतियां बनाने के लिए बातें दूसरी होती हैं. उन्होंने कहा कि राज्यों में लोग कहते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर पहुंच गई, चौथे नंबर पर पहुंच गई. यहां करेंसी की कीमत पर जो जवाब वित्त मंत्री ने दिया है, उसमें कोरिया, थाईलैंड की करेंसियों का जिक्र किया गया है. वह दिन कब आएगा जब हमारी करेंसी का मुकाबला डॉलर से होगा. विकसित देशों की करेंसी से होगा.
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वित्त मंत्री ने इसके जवाब में कहा कि पंकज चौधरी ने हर आंकड़े के साथ जवाब दिए. उन्होंने कहा कि दगो महीने पहले ग्लोबली एक सर्वे हुआ. सभी प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों की लोकप्रियता पर हुए इस सर्वे में भारत के प्रधानमंत्री का नाम सबसे ऊपर था. इस पर विपक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की साख क्या है, इसका जवाब यही है.
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उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की साख सबसे ऊपर है. जवाब जब दे रही हूं, सुनना चाहिए. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है. हम पांच साल में जिस तरह से फिस्कल डेफिसिट मैनेज करते आ रहे हैं, पूरी दुनिया में इसकी प्रशंसा हो रही है. उन्होंने दावा किया कि हमारा रुपया ठीक चल रहा है.
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वित्त मंत्री ने कहा कि रुपये के एक्सचेंज रेट पर अगर इतनी चिंता है, तो हम बताना चाहते है. जब बाकी सारे फंडामेंटल्स गिरकर नीचे आ गए थे, फ्रेजाइल फाइव में आ गए थे, उस समय रुपये को लेकर चिंता हमने जताया. मगर आज जब सारे फंडामेंटल्स ठीक-ठाक हैं, दुनिया में हर देश की करेंसी ऊपर-नीचे जा रही है.
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उन्होंने कहा कि आज ये सिर्फ एक प्रश्न को पकड़कर के हमारी इकोनॉमी को, हमारी कृषि को, हमारे देशवासियों की मेहनत को अंडरमाइन करने के लिए हमारा विपक्ष अगर है, तो ये ठीक नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि आज हम अपनी जनता के साथ खड़े रहें, ना कि अपने देश को बार-बार नीचा दिखाने के लिए. उन्होंने कहा कि ये पैंतरे जो चल रहे हैं, वह गलत है.