Hezbullah attacks Israel US-Israel-Iran War LIVE News & Latest Updates: दुनिया की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए मिडिल-ईस्ट को लेकर फिलहाल अभी तक समझौता नहीं हो सका है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में यूएस-ईरान वार्ता बेनतीजा रही, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी और वार्ता रुक गई. करीब 21 घंटे तक चली बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके, जिससे सीजफायर पर संकट गहरा गया है.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान ने जंग खत्म करने के लिए यूएस की शर्तें नहीं मानी. बातचीत में रुकावट आने के बाद वेंस अमेरिका लौट गए. दूसरी तरफ, ईरान ने इस बातचीत को नाकाम बताया और आरोप लगाया कि अमेरिका ने बहुत ज़्यादा मांगें रखीं.
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत एक अस्थायी दो हफ्ते के सीजफायर को स्थायी समाधान में बदलने के लिए हो रही थी. इस वार्ता में अमेरिकी डेलिगेशन की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की, जबकि ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ सहित कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए.
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है. डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दी गई डेडलाइन अब खत्म हो चुकी है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी है. इसके अलावा ट्रंप ने धमकी दी है कि जो कोई भी इस नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश करेगा उसे समंदर में ही उड़ा दिया जाएगा.
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क्या ईरान के पीछे हैं रूस और चीन?
— AajTak (@aajtak) April 13, 2026
क्या ईरान को चीन ने भेजे थे हथियार?
क्या ईरान में एयर डिफेन्स सिस्टम भेजेगा चीन?
ईरान पर अमेरिका-चीन में तनातनी!
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इस्लामाबाद में शांति वार्ता के बावजूद पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के साथ बातचीत जारी रखेंगे, ताकि मतभेदों को दूर कर मिडिल ईस्ट में जंग खत्म करने के लिए समझौते की कोशिश की जा सके. सूत्रों के हवाले से Axios ने यह जानकारी दी है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना समुद्र की गहराइयों में जा चुकी है, पूरी तरह तबाह हो गई है. उनके 158 जहाज नष्ट कर दिए गए हैं. जिन जहाजों पर हमने हमला नहीं किया, वे उनके कुछ गिने-चुने फास्ट अटैक शिप्स हैं, क्योंकि हमने उन्हें बड़ा खतरा नहीं माना. अगर इनमें से कोई भी जहाज हमारे ब्लॉकेड (घेराबंदी) के पास आया, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा. उसी तरीके से, जैसा हम समुद्र में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ करते हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय तेल टैंकरों से ईरान ने कोई टोल नहीं वसूला है. नई दिल्ली में तेहरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा, “इस कठिन समय में हमारे संबंध अच्छे हैं. हमें विश्वास है कि ईरान और भारत के हित और भविष्य एक समान हैं."
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान और कतर के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत की. इसमें क्षेत्र के ताजा हालात और इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता पर चर्चा की गई.
इजरायल-अमेरिका के हमलों में इस महीने की शुरुआत में सिविलियन ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद, ईरानी इंजीनियरों ने तेहरान, तबरीज और मशहद के बीच प्रमुख रेल संपर्कों को तेजी से बहाल कर दिया. रेल सेवाएं सिर्फ चार से पांच दिनों के भीतर दोबारा शुरू कर दी गईं
हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने गैलील में स्थित किरयात शमोना बैरक को निशाना बनाया है. हिज्बुल्लाह के मुताबिक, इस हमले के लिए कई ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था.
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने युद्ध के ऊर्जा संकट से प्रभावित परिवारों और व्यवसायों को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान किया है. जर्मनी अब दो महीने तक पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती करेगा. मर्ज ने अपनी सीडीयू पार्टी और गठबंधन सहयोगियों के बीच हुई बातचीत के बाद पत्रकारों से कहा, 'हम डीजल और गैसोलीन पर ईंधन कर में दो महीने के लिए लगभग 17 यूरो सेंट (0.20 डॉलर) प्रति लीटर की कमी करेंगे.'
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह यमन ने अमेरिका और इजरायल को लाल सागर से भागने पर मजबूर कर दिया, ठीक उसी तरह 'रेजिस्टेंस फ्रंट' उन्हें पूरे क्षेत्र से बाहर खदेड़ देगा.
दक्षिण लेबनान में हुए इजरायली हमलों में 5 लोगों की मौत हो गई है. लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के मुताबिक, बाजौरियेह शहर पर हुए सिलसिलेवार छापों में एक व्यक्ति की जान चली गई और कम से कम नौ लोग घायल हो गए. इन हमलों में कई घरों और एक स्कूल की इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा, नबातियेह अल फौका (Nabatiyeh El Faouqa) और सिर अल गार्बियेह (Sir El Gharbiyeh) में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि शौकीन (Choukine) शहर में दो अन्य लोग मारे गए हैं.
ईरान ने तेहरान, तबरीज और मशहद के बीच रेल सेवाओं को फिर से बहाल कर दिया है. हमलों में क्षतिग्रस्त हुई रेल लाइनों की मरम्मत के बाद, चार से पांच दिनों से बंद पड़ी ट्रेन सेवा एक बार फिर शुरू हो गई है. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि तेहरान-तबरीज-वैन (तुर्की) ट्रेन भी रात में तेहरान से रवाना हुई और मरम्मत की गई पटरियों से होकर गुजरी. इससे ईरान और तुर्की के बीच रेल संपर्क फिर से जुड़ गया है.
अमेरिका और इजरायल के हमलों में तेहरान की कुल 77 ऐतिहासिक इमारतों, महलों और संग्रहालयों को नुकसान पहुंचा है. ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण की समिति के सचिव सज्जाद असगरी ने इसकी जानकारी दी है. राहत की बात ये है कि लगभग 90 प्रतिशत नुकसान मामूली है, जबकि 10 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है.
प्रभावित स्थलों में से 38 स्मारक राष्ट्रीय स्तर पर रजिस्टर्ड हैं, जबकि बाकी इमारतें अपनी वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के लिए जानी जाती हैं. इनमें से 27 इमारतें कजार काल की हैं.
प्रभावित हुए कुछ प्रमुख ऐतिहासिक स्थल
हिज्बुल्लाह ने पिछले 24 घंटों में 60 सैन्य ऑपरेशनों को अंजाम देने का दावा किया है. इन हमलों में इजरायली सैनिकों को कई मोर्चों पर निशाना बनाया गया, जिनमें इजरायली क्षेत्र के गहरे इलाके भी शामिल हैं.
हिज्बुल्लाह के मुताबिक, उन्होंने अल-अलिका गैरिसन में स्थित एक रडार सिस्टम पर ड्रोन से हमला किया है. एक साथ कई स्थानों पर हुए ये हमले संघर्ष के और तेज होने का संकेत दे रहे हैं. फिलहाल, इन हमलों पर इजरायल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि 13 अप्रैल को पूर्वी समयानुसार सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार रात के 7:30 बजे) से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू हो जाएगी. इसका मतलब है कि इस समय के बाद किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाहों के भीतर आने या वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को कमजोर कर रहा है. IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने 'सीबीएस' (CBS) से बात करते हुए कहा कि ये तनाव इस पूरे साल वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार को धीमा रखेगा और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डालेगा.
नाकेबंदी के ऐलान से पहले, अब तक ईरान से तेल लेकर जाने वाले जो जहाज स्वतंत्र रूप से चल रहे थे, उन्हें भी अब अमेरिका रोक सकता है. इससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति कम होगी और कीमतें और ऊपर जाएंगी.
अमेरिकी नौसेना के ईरानी समुद्री क्षेत्रों की नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक शिपिंग उद्योग में भारी चिंता देखी जा रही है. उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका इन बंदरगाहों को ब्लॉक करता है, तो ईरान के चार सबसे बड़े बंदरगाहों पर सीधा असर पड़ेगा
ईरान के साथ सीजफायर कायम रहने को लेकर ट्रंप ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह अच्छी तरह कायम है. उनकी सेना खत्म हो चुकी है. उनका पूरा नौसेना बल पानी में डूब गया है. 158 जहाज तबाह हो गए हैं. उनका नौसेना बल खत्म हो गया है. उनके ज्यादातर बारूदी सुरंग यंत्र नष्ट हो गए हैं. कल सुबह 10 बजे से नाकाबंदी लागू हो जाएगी. दूसरे देश ये ध्यान देने के लिए काम कर रहे हैं कि ईरान तेल न बेच सके और ये बहुत प्रभावी होगा. कई नावें तेल भरकर हमारे देश की ओर आ रही हैं और फिर उसे ले जाएंगी. इसलिए वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नहीं गुजरेंगी. इसे ठीक कर लिया जाएगा. इस बीच, वो हमारा इस्तेमाल कर रहे हैं. हमारे पास रूस और सऊदी अरब दोनों के कुल तेल से कहीं ज्यादा तेल है. हो ये रहा है कि नावें यहां आ रही हैं, तेल भर रही हैं. हमें होर्मुज से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा.'
लेबनान में जारी इजरायली हमलों के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,055 तक पहुंच गई है.
अमेरिका ने सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने की घोषणा की है. जिसके बाद रविवार को बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया. अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 7% की बढ़त के साथ 102.29 डॉलर पर आ गया.
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने अमेरिका की नाकेबंदी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी अमेरिकी नाकेबंदी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और उनके पास इसका मुकाबला करने के लिए कई तरीके मौजूद हैं. रजाई ने कहा कि ईरान ऐसी जगह नहीं है जिसे सोशल मीडिया पोस्ट, ट्वीट्स या काल्पनिक योजनाओं के जरिए घेरा जा सके.
ईरान में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए. उन्होंने रैलियां और मार्च निकालकर अपने देश की सेना के लिए समर्थन दिखाया है. इन प्रदर्शनों में लोगों ने एकता और विरोध के नारे लगाए और यह संदेश दिया कि वो अपनी सेना और देश के साथ खड़े हैं.
ईरान के साथ बातचीत को लेकर ट्रंप ने फिर बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो वापस आते हैं या नहीं. अगर वो फिर बातचीत के लिए वापस नहीं आते हैं, तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है.'
हिज्बुल्लाह ने आज लगातार दूसरी सुबह इजरायली कस्बों को निशाना बनाते हुए रॉकेट दागे हैं. ताजा हमलों में दुवियो बस्ती को निशाना बनाया गया है. हिज्बुल्लाह ने एक नया बयान जारी कर इन हमलों की पुष्टि की है. आज सुबह हुए इन हमलों के बाद उत्तरी इजरायल में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी की घोषणा के बाद से वहां जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है. खुफिया जानकारी देने वाली फर्म लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक, इस समुद्री मार्ग से होने वाला पूरा ट्रैफिक अब थम चुका है. रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि जो दो जहाज स्ट्रेट से बाहर निकल रहे थे, वो इस ऐलान के बाद वापस मुड़ गए. गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हुई थी, लेकिन ताजा सैन्य घोषणा के बाद अब वहां फिर से सन्नाटा पसर गया है.
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि उसने रविवार को दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इज़रायल में इज़रायली ठिकानों पर 43 हमले किए, जिनमें रॉकेट और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं. इसकी वजह यह थी कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की नाकेबंदी की तैयारी कर रही थी, जिससे ईरान से होने वाली तेल की खेप पर रोक लग सकती है. यह कदम तब उठाया गया, जब अमेरिका और ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहे.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि अमेरिका ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की किसी भी नाकेबंदी में मदद करने के लिए नहीं कहा है. इससे यह संकेत मिलता है कि कैनबरा को इस मामले पर वॉशिंगटन से अब तक कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि अगर वॉशिंगटन 'तानाशाही' रवैये को छोड़ दे और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे, तो अमेरिका के साथ कूटनीतिक सफलता मिलना अब भी मुमकिन है. एक सोशल मीडिया पोस्ट में, पेज़ेशकियान ने कहा कि ऐसी स्थितियों में किसी समझौते तक पहुंचने के रास्ते निश्चित रूप से मिल जाएंगे. यह हालिया तनावों के बावजूद बातचीत के प्रति तेहरान के निरंतर खुलेपन का इशारा है. उन्होंने चल रही वार्ताओं में की गई कोशिशों के लिए ईरान के वार्ता प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की तारीफ़ भी की, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ का ज़िक्र किया और सार्वजनिक रूप से उनका उत्साह बढ़ाया.

US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति की घोषणा के मुताबिक, ठअमेरिकी सेनाएं 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे ET से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकेबंदी लागू करना शुरू कर देंगी." US सेना ने कहा कि यह नाकेबंदी 'ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों का उपयोग करने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से' लागू की जाएगी, जिसमें अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित सुविधाएं भी शामिल हैं. CENTCOM ने आगे कहा कि वह नेविगेशन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेगा, उन जहाजों के लिए जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों की तरफ या वहां से आ-जा रहे हैं.

47 सालों में उच्चतम स्तर पर हुई गहरी बातचीत में, ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ अच्छी तरह से बातचीत की. लेकिन जब हम 'इस्लामाबाद MoU' से बस कुछ ही इंच दूर थे, तो हमें बहुत ज्यादा मांगों, बदलते टार्गेट्स और रुकावटों का सामना करना पड़ा. कोई सबक नहीं सीखा गया. अच्छाई से अच्छाई मिलती है. दुश्मनी से दुश्मनी का जन्म होता है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट के पास आने की कोशिश करने वाले किसी भी सैन्य जहाज को अमेरिका के साथ दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उससे सख़्ती और निर्णायक रूप से निपटा जाएगा.
ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक बयान में गार्ड्स ने कहा कि यह स्ट्रेट ईरान की नौसेना के कंट्रोल और 'स्मार्ट मैनेजमेंट' के तहत है. उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट नियमों के अनुसार, गैर-सैन्य जहाजों के सुरक्षित गुज़रने के लिए खुला है.
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बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान दौरे के वक्त हिज्बुल्लाह के खतरे को खत्म करने का दावा किया. इस दौरान उन्होंने युद्ध जारी रखने की चेतावनी भी दी.
UK के डाउनिंग स्ट्रीट के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से बात की, जिसमें दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि एक स्थायी संघर्ष-विराम की जरूरत है, जिसमें लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए.
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का ईरानी राष्ट्र पर कोई असर नहीं पड़ता. उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान ने बातचीत के दौरान बहुत अच्छी पहल की थी, जिससे बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद मिली. सरकारी मीडिया में छपे बयानों में, ग़ालिबफ़ ने वॉशिंगटन को चेतावनी भी दी और कहा, "अगर आप लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे और अगर आप तर्क के साथ आगे आएंगे, तो हम भी तर्क के साथ ही पेश आएंगे."
पाकिस्तान के झंडे वाले दो तेल टैंकर होर्मुज़ स्ट्रेट के पास पहुंचने के बाद वापस लौट गए. इससे डोनाल्ड ट्रंप की नाकेबंदी के बाद समुद्री आवाजाही में एक बार फिर रुकावट आने का संकेत मिला है. ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि ये जहाज़ खैरपुर और शालिमार इस अहम जलमार्ग से आगे नहीं बढ़ पाए और होर्मुज के पास से ही वापस लौट गए.