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फंडिंग सोर्स, सोशल मीडिया और आयोजक... CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस ने बनाया 10-पॉइंट प्लान

CJP ने 5 सितंबर को देशव्यापी शांतिपूर्ण विरोध मार्च का आह्वान किया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले अपनी रणनीति बदली है. और स्पेशल ब्रांच को अहम जानकारियां जुटाने का निर्देश दिया गया है.

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CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस का प्लान (फोटो: PTI)
CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस का प्लान (फोटो: PTI)

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध मार्च करने का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने भारत सरकार पर 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है. कहा जा रहा है कि इस प्रोटेस्ट को देखते हुए दिल्ली पुलिस भी पूरी तैयारी कर रही है. 

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले अपनी रणनीति बदली है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इंटेलिजेंस विंग यानि स्पेशल ब्रांच को निर्देश दिया है कि अब किसी बड़े या प्रस्तावित प्रोटेस्ट से पहले कम से कम 10 अहम जानकारियों को जुटाएं और उनका विश्लेषण करें. 

  1. प्रतिभागियों की प्रोफाइल तैयार की जाएगी
  2. राज्यवार भागीदारी पता की जाएगी
  3. लोगों को जुटाने के तरीके क्या है, जैसे सोशल मीडिया या कोई और माध्यम है
  4. नेताओं और प्रमुख पदाधिकारियों के नाम
  5. प्रदर्शन का एजेंडा और मांगें
  6. ठहरने के स्थान और आवाजाही
  7. स्थानीय संपर्क और कनेक्शन
  8. संगठनों से संबध
  9. फंडिंग के स्रोत
  10. लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने अपनी रणनीति को बदला है. सूत्रों के मुताबिक, बड़े प्रदर्शनों और सार्वजनिक आयोजनों से पहले स्थिति का बेहतर आकलन और कानून-व्यवस्था को सही बनाए रखने के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने अपनी इंटेलिजेंस तैयारियां मजबूत कर दी हैं. पुलिस यह जानकारी जुटाएगी कि प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल हो रहे हैं, वे पहले भी किसी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं या नहीं. साथ ही, पिछले प्रदर्शनों में उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी.

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यह भी पढ़ें: दिल्ली में फिर होगा CJP का प्रोटेस्ट, मांगें पूरी न होने के विरोध में इंडिया गेट पर मार्च 

इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शनकारियों की क्या भागीदारी रही है, लोगों को जुटाने उनके तरीके क्या है. जैसे सोशल मीडिया या अन्य किसी माध्यम से जरिए लोगों को जुटाया गया है. साथ ही, आयोजकों और प्रमुख पदाधिकारियों के नाम और प्रदर्शन के एजेंडे और मांगों का भी आकलन किया जाएगा.  

बताया जा रहा है, प्रदर्शनकारी कहां ठहरने वाले हैं, दिल्ली में उनके संपर्क स्थान, लॉजिस्टिक व्यवस्था क्या है इसके बारे में भी सारी जानकारी जुटाई जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की इंटेलिजेंस समीक्षा के लिए बाद यह कदम उठाया गया है. 

वरिष्ठ अधिकारी ने ऐसे प्रोटेस्ट के दौरान वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम की जांच के भी निर्देश दिए हैं. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान हो सके.

इस योजना का मकसद यह है कि किसी भी बड़े प्रदर्शन से पहले पुलिस के पास पूरी जानकारी हो और कानून व्यवस्था संभालने में इससे उन्हें मदद मिले.

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