दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या पर सिर्फ चर्चा करने के बजाय अब उसके व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में इंडिया टुडे ग्रुप ने बड़ी पहल की है. ग्रुप ने 'Pollution Ka Solution' नाम से पांच हफ्ते की एक पहल शुरू करने की घोषणा की है. इसका उद्देश्य दिल्ली के वायु प्रदूषण संकट को बार-बार सामने रखने से आगे बढ़कर ऐसे समाधान तलाशना और प्रोत्साहित करना है, जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके और जिनके नतीजों को मापा भी जा सके.
दिल्ली के लिए वायु प्रदूषण लंबे समय से गंभीर चुनौती बना हुआ है. इसमें वाहनों से होने वाला उत्सर्जन की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसी को ध्यान में रखते हुए इस अभियान का मुख्य सवाल है- हम जिस हवा में सांस लेते हैं, उसे बेहतर बनाने के लिए वास्तव में क्या किया जा सकता है?
इस पहल में खास तौर पर क्लीन मोबिलिटी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर फोकस किया जाएगा. इसके तहत आम नागरिकों को भी समाधान तलाशने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा. लोग प्रदूषण कम करने के लिए अपने नए और व्यावहारिक आइडिया इंडिया टुडे के 'Pollution Ka Solution' प्लेटफॉर्म पर भेज सकेंगे. ये सभी आइडिया और सजेशन www.indiatoday.in/pollution-ka-solution. पर भेजे जा सकते
एक्सपर्ट्स परखेंगे लोगों के आइडिया
लोगों से मिलने वाली सलाह को सीधे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, बल्कि उनकी एक सिस्टैमैटिक इवैल्यूएशन प्रोसेस होगी. इसमें एक्सपर्ट और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की राय के साथ यह भी देखा जाएगा कि प्रस्तावित समाधान को जमीन पर लागू करना कितना संभव है. इसका मकसद ऐसे आइडिया चुनना है, जो सिर्फ कागज पर अच्छे न दिखें बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में प्रदूषण कम करने में उपयोगी साबित हो सकें.
इस पहल के लिए गठित जूरी में अलग-अलग एरिया के एक्सपर्ट और प्रमुख हस्तियां शामिल हैं. इनमें IIT कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणींद्र अग्रवाल, इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के नरेश प्रियदर्शी, मेदांता-द मेडिसिटी में पीडियाट्रिक्स की सीनियर डायरेक्टर और HOD डॉ. नीलम मोहन और 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव शामिल हैं.
चुने गए कुछ प्रस्तावों का ऑन-ग्राउंड टेस्ट भी किया जा सकता है. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि संबंधित आइडिया सैद्धांतिक रूप से प्रभावी होने के साथ वास्तविक परिस्थितियों में अपेक्षित परिणाम दे सकता है या नहीं.
विजेता को मिलेंगे 50 लाख रुपये
पांच सप्ताह तक चलने वाली इस पहल का समापन ग्रैंड फिनाले के साथ होगा. इसमें शॉर्टलिस्ट किए गए समाधानों को विशेषज्ञों और प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के सामने पेश किया जाएगा. इनमें से सबसे प्रभावी और व्यावहारिक समाधान को विजेता चुना जाएगा. खास बात यह है कि विजेता के आइडिया को दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार अपनाएगी, ताकि उसे बड़े स्तर पर लागू करने की संभावनाएं तलाशी जा सकें. साथ ही विजेता को 50 लाख रुपये का कैश प्राइज दिया जाएगा.
'Pollution Ka Solution' के जरिए इंडिया टुडे ग्रुप का लक्ष्य प्रदूषण को लेकर बातचीत को जागरूकता से कार्रवाई और चर्चा से क्रियान्वयन की ओर ले जाना है. इस पहल के जरिए दिल्ली के लोगों को प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदार बनाने की कोशिश है. इसका जोर ऐसे समाधान खोजने पर है जो तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित हों, व्यावहारिक हों और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकें. इस तरह यह अभियान दिल्ली की खराब हवा पर एक और बहस करने के बजाय उसे बेहतर बनाने का रास्ता तलाशने की कोशिश करेगा.