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क्या कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी में ठन गई है? सोशल मीडिया पर दिखी तकरार

राहुल गांधी के डिजिटल ‘सत्याग्रह’ अभियान के बीच कांग्रेस और CJP के बीच तकरार बढ़ गई है. CJP नेताओं ने एक ‘खुद को उदारवादी कहने वाले समूह’ पर उनके संस्थापक अभिजीत दिपके को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिसे कांग्रेस नेताओं ने अपने खिलाफ माना.

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कांग्रेस और CJP के बीच बढ़ी तकरार, राहुल गांधी के सत्याग्रह अभियान के बीच विवाद.(File Photo)
कांग्रेस और CJP के बीच बढ़ी तकरार, राहुल गांधी के सत्याग्रह अभियान के बीच विवाद.(File Photo)

राहुल गांधी की ओर से बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ अलग-अलग प्रदर्शनों को एक मंच पर लाने की कोशिश के बीच कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच तकरार सामने आई है. CJP के असम में स्कूल निरीक्षण अभियान के दौरान शुरू हुई यह खींचतान इस हफ्ते और बढ़ गई.

राहुल गांधी ने 3 अक्टूबर को डिजिटल ‘सत्याग्रह’ अभियान शुरू किया. उन्होंने कहा कि देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे संघर्षों को एक साथ लाने की जरूरत है. उन्होंने संसद, सड़कों, पत्रों और जहां भी जरूरत हो, वहां इन आंदोलनों के समर्थन का भरोसा दिया.

इसी दौरान CJP के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने एक ‘खुद को उदारवादी कहने वाले समूह’ पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को निशाना बनाने का आरोप लगाया. दोनों ने कांग्रेस का नाम नहीं लिया, लेकिन सौरव दास ने बीजेपी के अलावा एक और पार्टी का जिक्र किया. इसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन बयानों को अपने खिलाफ माना.

गुवाहाटी से शुरू हुई थी तकरार

कांग्रेस और CJP के बीच यह तकरार राहुल गांधी के सत्याग्रह अभियान से पहले ही सामने आ चुकी थी. CJP के असम में स्कूल ऑडिट अभियान के दौरान इसके को-कन्वीनर आशुतोष रांका और 40 से ज्यादा वॉलंटियर्स को गुवाहाटी में एक बैठक से पहले हिरासत में लिया गया था. कांग्रेस प्रवक्ता रीतम सिंह ने कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी रिहाई में मदद की. सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद रांका ने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई से मिलने से इनकार कर दिया, क्योंकि CJP को बताया गया था कि उसका अभियान AAP की पहल है.

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3 अक्टूबर को रांका ने X पर लिखा कि अभिजीत दिपके को निशाना बनाने के लिए एक ‘खुद को उदारवादी कहने वाला समूह’ सक्रिय किया गया है. सौरव दास ने भी कहा कि बीजेपी के अलावा एक और पार्टी खुद को भारत और संविधान बचाने का जिम्मेदार मानती है.

राहुल गांधी ने अलग-अलग आंदोलनों को जोड़ने की बात कही

राहुल गांधी ने 3 अक्टूबर को ‘सत्याग्रह’ नाम से डिजिटल मंच शुरू किया. इसका उद्देश्य शिक्षा, परीक्षाओं, जमीन, किसानों के अधिकार, महिलाओं के अधिकार, दलितों और OBC से जुड़े मुद्दों पर चल रहे आंदोलनों को एक साथ जोड़ना है. राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन कई बार अकेले लड़ते हैं. उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए ऐसे लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने की कोशिश की जाएगी.

CJP जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के बाद खुद को एक डिसेंट्रलाइजेशन मूवमेंट और स्थापित राजनीतिक दलों से अलग बताता रहा है. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने CJP को अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी से समर्थन मिलने का आरोप लगाया है.

CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के विस्तार के दौरान कांग्रेस ने भी सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर अपनी सक्रियता बढ़ाई. राजस्थान कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया. इससे पहले कांग्रेस और CJP दोनों केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर अलग-अलग प्रदर्शन कर चुके हैं.

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कांग्रेस नेताओं ने CJP के बयानों पर प्रतिक्रिया दी

CJP नेताओं के बयानों में कांग्रेस का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे अपने खिलाफ माना. कांग्रेस नेता विजय थोट्टाथिल ने सवाल उठाया कि CJP के प्रदर्शनकारी मुंबई में खुले तौर पर घूम सकते हैं, जबकि NSUI और इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. कांग्रेस कार्यकर्ता आदित्य गोस्वामी ने सौरव दास से संयम बरतने को कहा. वहीं कांग्रेस नेता तुषार गांधी ने अपनी पार्टी से समर्थकों को रोकने की अपील की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, CJP और AISA एक ही विरोधी के खिलाफ लड़ रहे हैं और एक-दूसरे पर निशाना साधने का यह समय नहीं है.

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