प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किली की प्राचीर से 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया था. उनके इस बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.
पी चिदंबरम ने X पर पोस्ट करते हुए कहा है कि उन्हें दिमागी नकस्ल होने पर गर्व है. बीते दिन, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा, CPI(M) महासचिव एम ए बेबी, CPI महासचिव डी राजा समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने भी पीएम मोदी के इस बयान पर उन्हें घेरा था.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि 2-3 साल पहले तक प्रधानमंत्री अर्बन नक्सल शब्द का इस्तेमाल करते थे. जब संसद में पूछा गया कि अर्बन नक्सल की परिभाषा क्या है तो गृह मंत्री ने कहा 'अर्बन नक्सल' जैसी कोई चीज़ नहीं है और न ही इसकी कोई परिभाषा है.
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कांग्रेस नेता ने कहा था कि प्रधानमंत्री जिन्हें अर्बन नक्सल कहते थे उनकी ही मांगों को बाद में उन्होंने माना. उन्होंने दावा किया कि जाति जनगणना को 2-3 साल पहले तक अर्बन नक्सल की सोच बताया जाता था. लेकिन एक साल पहले सरकार ने जाति जनगणना का फैसला लिया. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री का पुराना तरीका है, वे पहले अर्बन नक्सल, दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल करते हैं और फिर बाद में उनकी मांगों को मानते हैं.
CPI(M) महासचिव एम ए बेबी ने पीएम मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी को गंभीर बताया था. वहीं, CPI महासचिव डी राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर भी असहमति जताने वालों को निशाना बनाया. वहीं, TMC नेता साकेत गोखले ने भी प्रधानमंत्री पर स्वतंत्रता दिवस के मंच से अपने आलोचकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया.
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा था कि कुछ लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं और ऐसे तत्वों को पहचानना जरूरी है.