कांग्रेस आलाकमान केरल के मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए दिल्ली में विचार-विमर्श का अंतिम दौर जारी है. सूत्रों के अनुसार केसी वेणुगोपाल फिलहाल सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं. हालांकि, इस पर राहुल गांधी अंतिम फैसला लेंगे.
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पिछले कई दिनों से केरल के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बैठकें चल रही है जो अपने निर्णायक मोड़ पर हैं. केरल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंच रहे हैं और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शाम तक दिल्ली पहुंच जाएंगे. उनकी मौजूदगी में भी उच्चस्तरीय बैठक हो सकती है. उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व एक-दो दिन के अंदर अंतिम फैसला ले सकती है और इसके बाद नाम की घोषणा होने की संभावना है.
सूत्रों ने ये भी बताया कि केसी वेणुगोपाल को केरल भेजने का फैसला राहुल गांधी को ही लेना है. ये फैसला 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा, अगर वेणुगोपाल को केरल का मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो ये उनके संगठन महासचिव (GSO) पद से सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलने का रास्ता भी हो सकता है. हालांकि, राहुल गांधी के लिए सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली में उनके विकल्प को तलाशना है.
रेस में शामिल हैं ये भी नाम
वेणुगोपाल के अलावा रमेश चेन्निथला दूसरे सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं, जबकि वी.डी. सतीशन की आक्रामक दावेदारी ने उनकी संभावनाओं को कुछ कम कर दिया है. केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाना उनके संगठन महासचिव (GSO) के कार्यकाल से एक 'सम्मानजनक विदाई' के रूप में देखा जा रहा है.
अगले 48 घंटे बेहद अहम
केरल कांग्रेस के अंदर मचे घमासान को शांत करने के लिए आलाकमान जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के नाम पर मोहर लगाना चाहता है. राहुल गांधी इस चयन के जरिए दक्षिण भारत में पार्टी की पकड़ मजबूत करना चाहते हैं. दिल्ली में चल रही बैठकों के बाद अब गेंद पूरी तरह राहुल के पाले में है, अगर वेणुगोपाल मुख्यमंत्री बनते हैं तो संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना बढ़ जाएगी.