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किसानों की मौत के 'जीरो' रिकॉर्ड पर भड़की कांग्रेस, किसान नेता बोले- हम डाटा दे देंगे

दोआबा किसान कमेटी के स्टेट चीफ जंगवीर सिंह चौहान ने कहा, सरकार के पास आईबी से लेकर दिल्ली पुलिस तक हर तरह के डाटा हैं. अगर वे कह रहे हैं कि किसानों की मौत का डाटा नहीं है, तो ये गलत है. इसके बावजूद अगर सरकार कहती है तो हम उन्हें मुआवजे के लिए किसानों की मौत का आंकड़ा देंगे.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार ने कहा- आंदोलन में मौत का रिकॉर्ड नहीं
  • सरकार किसानों की मौत के रिकॉर्ड के बारे में झूठ बोल रही- किसान नेता
  • 'सरकार कहे तो हम उन्हें किसानों की मौत का डाटा देंगे'

केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में दावा किया कि कृषि मंत्रालय के पास किसान आंदोलन की वजह से किसी किसान की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है. केंद्र सरकार के इस बयान पर किसान नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है. उधर, किसानों की मौत के मामले में कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा है.

दोआबा किसान कमेटी के स्टेट चीफ जंगवीर सिंह चौहान ने कहा, सरकार के पास आईबी से लेकर दिल्ली पुलिस तक हर तरह के डाटा हैं. अगर वे कह रहे हैं कि किसानों की मौत का डाटा नहीं है, तो ये गलत है. इसके बावजूद अगर सरकार कहती है तो हम उन्हें मुआवजे के लिए किसानों की मौत का आंकड़ा देंगे. 

कांग्रेस ने साधा निशाना
उधर, नरेंद्र सिंह तोमर के इस दावे पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, तोमर साहब, नाकामी छुपाने के लिए इतना बड़ा झूठ! जबकि सच्चाई है कि 2020 में 10677 किसानों ने आत्महत्या की. 4090 किसान वो जिनके खुद के खेत हैं,  639 किसान जो ठेके पर जमीन ले खेती करते थे, 5097 वो किसान जो दूसरों के खेतों में काम करते थे. पिछले 7 सालों में 78303 किसान आत्महत्या कर चुके. 

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कांग्रेस की मांग- आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों को 5 करोड़ रु का मुआवजा दे सरकार
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने मांग की है कि किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को केंद्र सरकार को 5 करोड़ रुपए का मुआवजा देना चाहिए. साथ ही किसानों की एमएसपी समेत अन्य मांगों को भी माना जाना चाहिए. तिवारी संसद में शून्य काल के समय बोल रहे थे. उन्होंने कहा, यह ऐतिहासिक किसान आंदोलन है, जिसकी वजह से काले कानून वापस लिए गए. उन्होंने कहा, इस आंदोलन में 700 किसान शहीद हो गए. 

सरकार ने दिया लोकसभा में जवाब
सरकार ने लोकसभा में पूछा गया था कि क्या सरकार के पास कोई डाटा है कि कितने किसानों की आंदोलन के दौरान मौत हुई है और क्या सरकार आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा देगी. सरकार इसकी जानकारी दे. इस सवाल के जवाब में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा, कृषि मंत्रालय के पास किसान आंदोलन की वजह से किसी किसान की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है. ऐसे में मृतक किसानों को वित्तीय सहायता देने का कोई सवाल ही नहीं उठता. 


 

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