असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर 'पाकिस्तान के साथ संबंध' होने का आरोप लगाया है. इसके बाद, एक सियासी विवाद शुरू हो गया. वहीं. दूसरी तरफ गोगोई ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री पर SIT रिपोर्ट दबाने और नाबालिग बच्चों को इसमें घसीटने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने 'सुपर फ्लॉप राजनीतिक ड्रामा' कहा.
रविवार को सीएम सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई की पत्नी पर विस्फोटक आरोप लगाए और दावा किया कि उनके पाकिस्तान से संबंध हैं. इसके जवाब में, गोगोई ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सरमा पर उनके बच्चों को 'घसीटने' के लिए जमकर हमला बोला.
जब गोगोई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तब असम के CM ने एक नया पोस्ट किया, जिसमें गोगोई की 2013 की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाया गया. उन्होंने वीज़ा परमिशन और यात्रा की जगहों में गड़बड़ियों का आरोप लगाया. सरमा ने कहा कि गोगोई ने खुलासा किया है कि तक्षशिला इस्लामाबाद में नहीं बल्कि पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले में है, जिससे एक 'गंभीर और ज़रूरी सवाल' खड़ा होता है.
सीएम सरमा ने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर उनके पाकिस्तान वीज़ा में साफ़ तौर पर सिर्फ़ लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जाने की इजाज़त थी, तो वे तक्षशिला कैसे गए, जो इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी के बाहर और रावलपिंडी ज़िले में है?”
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के इमिग्रेशन नियम बिना खास इजाज़त के वीज़ा वाले शहरों से आगे जाने की इजाज़त नहीं देते. सरमा ने आगे कहा कि रावलपिंडी में पाकिस्तानी आर्मी का जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) भी है, उन्होंने इस मुद्दे को नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा बताया और यह जानने की मांग की कि गोगोई के आने-जाने में किसने मदद की.
‘डर की वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस’
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री सरमा पर आरोप लगाया कि उनके के परिवार के पास कथित तौर पर मौजूद ज़मीन से जुड़े आरोपों से ध्यान हटाने के लिए यह विवाद खड़ा कर रहे हैं.
गुवाहाटी में रिपोर्टरों से बात करते हुए, असम कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि SIT रिपोर्ट, जिसका सरमा ने ज़िक्र किया था, छह महीने तक 'दफ़न' कर दी गई थी क्योंकि यह उनके पाकिस्तान से जुड़े दावों को साबित करने में नाकाम रही.
गोगोई ने सवाल उठाया, “अगर यह सच में नेशनल सिक्योरिटी के बारे में था, तो वह छह महीने तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे रहे? सच तो यह है कि SIT रिपोर्ट में उनके आरोपों को साबित करने के लिए कुछ भी नहीं है.”
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस की टाइमिंग को राज्य में कांग्रेस पार्टी की लामबंदी से जोड़ा. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें एक्शन लेने पर मजबूर किया. जब हमने बताया कि उनके परिवार के पास 12,000 बीघा ज़मीन है, तभी उन्होंने यह ड्रामा किया.”
प्रेस मीट को 'सुपर फ्लॉप' बताते हुए, गोगोई ने बाद में सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वहां मौजूद पत्रकार भी इससे सहमत नहीं दिखे. उन्होंने लिखा, “ढाई घंटे बाद, लोगों ने जो देखा वह C-ग्रेड सिनेमा से भी बुरा था.”
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पाकिस्तान से लिंक का दावा खारिज...
सीएम सरमा ने आरोप लगाया है कि गोगोई, उनकी पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरा कनेक्शन' है. उन्होंने दावा किया है कि सेंसिटिव जानकारी पाकिस्तान भेजी गई होगी. उन्होंने यह भी कहा है कि गोगोई ने 2013 में पाकिस्तान का 'कॉन्फिडेंशियल' दौरा किया था और हो सकता है कि उन्होंने वहां ट्रेनिंग ली हो.
गोगोई ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी काम के सिलसिले में पाकिस्तान गई थीं. मैं 2013 में उनके साथ 10 दिन के दौरे पर गया था. इसमें कुछ भी सीक्रेट या गैर-कानूनी नहीं था.”
उन्होंने जांच में दखल देने से भी इनकार किया. सरमा के राजनीतिक रवैये पर तंज कसते हुए गोगोई ने कहा, “पहले दिन से ही मैंने कहा है कि SIT को अपना काम करना चाहिए और रिपोर्ट पब्लिक की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री कोई चाणक्य नहीं हैं.”
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‘मेरे बच्चों को घसीटा गया...’
सरमा की बातों में उनके परिवार का ज़िक्र होने पर कांग्रेस नेता साफ़ तौर पर नाराज़ दिखे. गोगोई ने कहा, “वह इतना नीचे गिर गए कि उन्होंने मेरे नाबालिग बच्चों के बारे में भी बात की. हम उनके बच्चों के बारे में भी जानते हैं, सब जानते हैं लेकिन हम परिवारों को राजनीति में नहीं घसीटते.”
इस घटना को असम के लिए शर्म की बात बताते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी जानकारी और खराब सोशल मीडिया वीडियो फैलाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “पुलिस को मुख्यमंत्री के एक खास समुदाय को टारगेट करने पर खुद से संज्ञान लेना चाहिए.”
गोगोई ने कहा कि वह इस बात पर कानूनी विकल्प देख रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने नाबालिग बच्चों पर कमेंट करने के लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा.”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आरोपों का जवाब देते हुए, कांग्रेस MP गौरव गोगोई ने कहा कि CM अपने ही झूठ के जाल में फंस रहे हैं और एक झूठ को छिपाने के लिए कई झूठ गढ़ रहे हैं.
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CM पर SIT रिपोर्ट को छह महीने तक दबाए रखने का आरोप लगाते हुए, गोगोई ने कहा कि सरमा को अब इस बात पर भरोसा नहीं है कि आरोपों को साबित करने के लिए ज़रा भी सबूत है. उन्होंने दावा किया कि CM ने 2.5 घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुद को शर्मिंदा किया और वे पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा ने नफरत भरे भाषण दिए, मुसलमानों के नरसंहार के लिए वीडियो फैलाए और अपने नाबालिग बच्चों की फोटो और पासपोर्ट डिटेल्स सहित निजी जानकारी गैर-कानूनी तरीके से दी.
उन्होंने कहा, "मेरी पत्नी एक इंटरनेशनल प्रोग्राम में काम करती थीं, जो साउथ अमेरिका, अफ्रीका और एशिया समेत दुनिया भर के कई देशों में चल रहा था. एशिया में इंडियन और पाकिस्तानी दोनों तरह के NGOs थे."
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ट्रांसपेरेंसी की मांग
गौरव गोगोई ने मांग की है, "सीएम सरमा के परिवार के खिलाफ जमीन के आरोपों पर ध्यान वापस लाया जाए. उन्हें बताना चाहिए कि उनके परिवार ने पूरे असम में 12,000 बीघा या 4,000 एकड़ कीमती जमीन कैसे हासिल की.”
गोगोई ने आगे कहा, “लोग सब कुछ समझते हैं. वे जानते हैं कि क्या असली है और क्या सिर्फ पॉलिटिकल ड्रामा है.”